कांवड़ यात्रा में मिलावटखोरों पर कसेगा शिकंजा
पौड़ी गढ़वाल, 23 जुलाई (हि.स.)। गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और खाद्य पदार्थों की शुद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और होटल, ढाबों समेत सभी खाद्य प्रतिष्ठानों पर गुणवत्ता, स्वच्छता और रेट लिस्ट का नियमित निरीक्षण किया जाए।
गुरुवार को पौड़ी में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण, वन, यूपीसीएल और क्षेत्रीय पुरातत्व विभाग की मंडलीय समीक्षा बैठक में आयुक्त ने कहा कि यात्रा मार्गों पर जहां भी निःशुल्क भोजन, पेयजल या औषधियों का वितरण किया जा रहा है, वहां गुणवत्ता की जांच अनिवार्य रूप से की जाए। खाद्य उत्पादों और पैकेजिंग इकाइयों की नियमित सैंपलिंग कराई जाए तथा मिलावट या मानकों के उल्लंघन के मामलों में संबंधित कानूनों के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
औषधि नियंत्रण विभाग की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के 38 और एनडीपीएस एक्ट के 47 लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने दवा निर्माण इकाइयों, थोक विक्रेताओं और आपूर्ति श्रृंखला की नियमित निगरानी रखने तथा गुणवत्ता मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने को कहा। यूपीसीएल अधिकारियों को मंडल के सभी ट्रांसफार्मरों, विद्युत पोलों तथा झूलती और क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों का व्यापक सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े सभी जोखिमों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। साथ ही जिलाधिकारियों को सरकारी विभागों से बिजली बिलों का नियमित भुगतान सुनिश्चित कराने और मार्च में एकमुश्त भुगतान की व्यवस्था समाप्त करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में आयुक्त ने वन विभाग को वर्षाकालीन वनीकरण अभियान में तेजी लाने और पुरातत्व विभाग को संरक्षित धार्मिक स्थलों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में वन संरक्षक आकाश वर्मा, अपर निदेशक अर्थ एवं संख्या गीतांजलि शर्मा, खाद्य सुरक्षा विभाग के डिप्टी कमिश्नर आरएस रावत, एडीसी एफडीए डॉ. सुधीर कुमार, यूपीसीएल के अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह