उच्च जोखिम वाले गांवों में लगाया एक्स-रे स्क्रीनिंग शिविर

 

पौड़ी गढ़वाल, 28 मई (हि.स.)। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत उच्च जोखिम वाले विकासखंड कोट के ग्राम रखूंण, डंडकुर और सेमली में विशेष जागरूकता और एक्स-रे स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर ग्रामीणों को टीबी के लक्षण, बचाव एवं उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। शिविर में सीएचओ टीना ने बताया कि टीबी सबसे अधिक फेफड़ों को प्रभावित करती है, टीबी के सक्रिय रोग से ग्रसित लोग इस रोग को अन्य लोगों को भी फैला सकते हैं और इसकी संभावना उन लोगों को अधिक होती है जो कि रोगी के अधिक संपर्क में रहते हैं। कहा कि कुछ मरीज लक्षण छुपा लेते हैं लेकिन टीबी की समय पर जांच व नियमित दवा लेने से इसे ठीक किया है। कुछ टीबी मरीज थोड़ा बेहतर महसूस होने पर दवाएं बीच में छोड़ देते हैं ऐसा करना टीबी के सफल उपचार के लिए सही नहीं है।

उन्होंने कहा कि अभियान के तहत टीबी मरीजों को निशुल्क जांच, परामर्श, दवाएं और पोषण सहायता प्रदान की जाती है। शिविर के दौरान 51 टीबी एक्सरे किए गए। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला क्षय रोग अधिकारी डा. पारुल गोयल ने बताया कि जिले में अभी तक उच्च जोखिम वाले 762 गांवों के सापेक्ष 241 गांवों में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एक्सरे स्क्रीनिंग और जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा चुका है, जिसमें अभी तक 12457 लोगों के टीबी एक्सरे किए जा चुके हैं।

इस मौके पर एसटीएस भूपेंद्र सिंह रावत, एक्सरे टेक्नीशियन प्रशांत, एएनएम कविता आदि शामिल रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह