बर्फीले गांवों में जनगणना ने पकड़ी रफ्तार, 80 फीसदी काम पूरा

 


गोपेश्वर, 24 सितम्बर (हि.स.)। चमोली के ऊंचाई वाले बर्फीले गांवों में जनगणना-2027 का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। नीती-माणा समेत जिले के 25 स्नो बाउंड गांवों में करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। अब तक 1800 से अधिक परिवारों का डेटा सिंक किया जा चुका है।

जिला प्रशासन की ओर से इन गांवों में नवंबर से अप्रैल तक बर्फबारी के कारण अधिकांश परिवार निचले इलाकों में चले जाते हैं। इसी वजह से जनगणना का काम सर्दियां शुरू होने से पहले पूरा किया जा रहा है। मौजूदा समय में प्रगणक और सुपरवाइजर घर-घर जाकर परिवारों की जानकारी का सत्यापन और मैपिंग का कार्य किया जा रहा है। यह काम 30 सितंबर तक चलेगा, जबकि एक से पांच अक्टूबर तक पुनरीक्षण किया जाएगा।

मलारी क्षेत्र में जनगणना की स्थिति देखने के लिए 21 से 23 सितंबर तक टीम ने कोषा, मलारी, कैलाशपुर, फरकिया, गुरुगुटी, बंपा, गमशाली और नीति समेत कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान प्रगणकों और सुपरवाइजरों से परिवारों की जानकारी, पूरा हो चुका काम और डेटा सिंक की स्थिति की जानकारी ली गई।

ज्योतिर्मठ तहसील के नीती, गमशाली, बंपा, फरकिया, गुरुगुटी, मेहरगांव, कैलाशपुर, मलारी, कोषा, जेलम, द्रोणागिरी, गरपाक, कागा लगा द्रोणागिरी, लमतोली, जुम्मा, रेवेल चाक कुरकुटी, तोलमा, माणा, भ्यूंडार, बामणी, बद्रीनाथ, खीरो और ओध हनुमान चट्टी को स्नो बाउंड गांवों में शामिल किया गया है। चमोली तहसील के रुद्रनाथ और पांगर्वासा (कांचुला खर्क) भी इस सूची में हैं।

प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई कि इन गांवों के लोगों के लिए 17 से 31 अगस्त तक ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा दी गई थी। इसके बाद प्रगणक घर-घर जाकर दर्ज जानकारी का सत्यापन कर रहे हैं। बर्फीले इलाकों में काम की निगरानी के लिए लगातार स्थलीय निरीक्षण भी किए जा रहे हैं।

जनगणना के पहले चरण में जिले में मकान सूचीकरण का काम पूरा हो चुका है। इसके लिए 1469 जनगणना ब्लॉक बनाए गए थे और 814 प्रगणक, 145 सुपरवाइजर तथा 24 चार्ज अधिकारियों ने काम किया था।

हिन्दुस्थान समाचार / जगदीश पोखरियाल