केदारनाथ धाम में आयोजित कथा की पूर्णाहुति
गुप्तकाशी, 11 अगस्त (हि.स.)। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में विश्व शांति, जनकल्याण और आपसी सौहार्द की कामना के लिए आयोजित 11 दिवसीय श्री शिवमहापुराण कथा का मंगलवार को पूर्णाहुति के साथ विधिवत समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन हजारों तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं ने यज्ञ में भाग लेकर पुण्य अर्जित किया और कथा का श्रवण किया।
प्रसिद्ध उद्योगपति विशाल वीर सिंह सुखानी के परिवार की ओर से आयोजित शिवमहापुराण कथा में कथा व्यास आचार्य शिवराम भट्ट ने धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों से मन को शांति मिलने के साथ ही समाज में सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। विश्व कल्याण और शांति के लिए समय-समय पर ऐसे दिव्य धार्मिक आयोजनों का होना नितांत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिव और शक्ति इस चराचर जगत के प्रणेता हैं। समस्त जीव-जगत में जीवन और चेतना के स्पंदन का मूल आधार भी शिव-शक्ति ही हैं।
पूर्णाहुति से पूर्व ब्रह्ममंडली द्वारा पंचांग पूजा संपन्न कराई गई। इसके बाद 33 करोड़ देवी-देवताओं का आह्वान करते हुए विशाल यज्ञकुंड में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां डाली गईं। विश्व शांति, जनकल्याण और आपसी सौहार्द की कामना के साथ पूर्णाहुति संपन्न होने के बाद कथा का विधिवत समापन किया गया। इसके उपरांत श्रद्धालुओं को ब्रह्मभोज प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर पूर्व सीईओ बीकेटीसी बीडी सिंह , केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, उमेश पोस्ती, अरविंद शुक्ला, विपिन तिवारी सहित बड़ी संख्या में तीर्थयात्री, स्थानीय श्रद्धालु और भक्त मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / बिपिन