रेखा भट्ट बनीं महिला आत्मनिर्भरता की मिसाल
पिथौरागढ़, 21 अगस्त (हि.स.)।पिथौरागढ़ के विकासखंड बिण के अंतर्गत ग्राम घुनसेरा निवासी रेखा भट्ट आज महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक पहचान बन चुकी हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर उन्होंने न केवल अपनी आजीविका को मजबूत किया, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाई है।
रेखा भट्ट वर्तमान में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी हैं और हरु सैम देवता स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष भी हैं। समूह के माध्यम से उन्हें सीआईएफ के अंतर्गत ₹75,000, सीसीएल के अंतर्गत ₹2 लाख तथा आरएफ के रूप में ₹25,000 की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। इस सहयोग से उन्होंने अपनी आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाया और समूह को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनकी मेहनत, लगन और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को वर्ष 2025 में तीलू रौतेली पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उनके द्वारा महिला सशक्तिकरण और आजीविका के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की पहचान है।
वर्तमान में रेखा भट्ट एनआरएलएम के सेंटर ‘सरस’ का संचालन कर रही हैं। इस केंद्र से जनपद के लगभग 5 हजार सहायता समूह जुड़े हुए हैं। विभिन्न समूहों द्वारा तैयार किए जाने वाले पहाड़ी उत्पादों को इस केंद्र के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।
केंद्र में ग्रीन टी, हर्बल टी, बेरीनाग टी, मंडुवे के बिस्किट, मंडुवे का आटा, मक्के का आटा, पहाड़ी राजमा, विभिन्न प्रकार की पहाड़ी दालें, पहाड़ी शहद और पहाड़ी घी सहित अनेक स्थानीय उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। इससे स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपने उत्पादों का बाजार मिल रहा है और उनकी आजीविका को मजबूती मिल रही है।
रेखा भट्ट की सफलता इस बात का उदाहरण है कि स्वयं सहायता समूह, सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहयोग और बाजार की सुविधा के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं पैरों पर खड़ी होकर न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकती हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन सकती हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। रेखा भट्ट की सफलता इसी प्रयास की एक प्रेरणादायक मिसाल है।
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष दरियाल