राहुल गांधी के कार्यक्रम पर सियासत तेज, परेड ग्राउंड की अनुमति नहीं मिलने पर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने

 


देहरादून, 15 जुलाई (हि. स.)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 17 जुलाई को प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के लिए परेड ग्राउंड की अनुमति न मिलने के बाद उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है। प्रशासन ने पूर्व निर्धारित आयोजन और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए कांग्रेस को वैकल्पिक स्थल आवंटित किया है, जबकि कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। दूसरी ओर भाजपा ने प्रशासन के निर्णय को उचित ठहराते हुए कांग्रेस पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया।

नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय की ओर से मंगलवार को जारी आदेश के अनुसार, उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस समिति के 15 से 17 जुलाई तक प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए परेड ग्राउंड उपलब्ध नहीं कराया जा सकता। आदेश में कहा गया है कि परेड ग्राउंड में 11 से 17 जुलाई तक उत्तराखंड अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विकास निगम की ओर से 'लोक संवर्धन पर्व' आयोजित किया जा रहा है, जिसकी अवधि भारत सरकार के निर्देश पर 02 दिन यानी 17 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। आयोजन में विभिन्न राज्यों के कारीगरों, संस्थाओं तथा बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी प्रस्तावित है।

प्रशासन ने यह भी कहा है कि परेड ग्राउंड के आसपास विद्यालय और चिकित्सालय स्थित हैं और 17 जुलाई से सप्ताहांत शुरू होने के कारण यातायात और कानून-व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है। डालनवाला पुलिस, पुलिस अधीक्षक (यातायात) व संबंधित विभागों की रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस को गुरु नानक गर्ल्स इंटर कॉलेज, रेसकोर्स और बन्नू ग्राउंड, रेसकोर्स को वैकल्पिक स्थल के रूप में उपलब्ध कराया गया है। डालनवाला कोतवाली की रिपोर्ट में भी परेड ग्राउंड पर पहले से चल रहे आयोजन और संभावित भीड़ का हवाला देते हुए कार्यक्रम अन्य स्थान पर कराने की संस्तुति की गई है।

उधर, अनुमति निरस्त किए जाने के विरोध में प्रदेश कांग्रेस ने मंगलवार देर रात कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस मुख्यालय से परेड ग्राउंड तक विरोध मार्च निकाला।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम से राज्य सरकार घबराई हुई है। देशभर में पेपर लीक और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को रोकने के लिए धामी सरकार के दबाव में प्रशासन ने परेड ग्राउंड की अनुमति निरस्त कर दी। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक और तानाशाहीपूर्ण बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन जारी रहा तो पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन करेगी।

इस बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस अनावश्यक भ्रम फैला रही है। उन्होंने कहा कि परेड ग्राउंड के लिए कांग्रेस द्वारा दिए गए प्रारंभिक आवेदन में कहीं भी राहुल गांधी के कार्यक्रम का उल्लेख नहीं किया गया था। उनके अनुसार कांग्रेस ने आवेदन में इस तथ्य को छिपाया।

श्री भट्ट ने कहा कि राष्ट्रीय शोक के कारण 'लोक संवर्धन पर्व' के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सके थे, इसलिए उसकी अवधि दो दिन बढ़ाई गई। वर्तमान में आयोजन में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और मैदान की उपलब्धता को देखते हुए कांग्रेस को बन्नू ग्राउंड सहित अन्य उपयुक्त वैकल्पिक स्थल उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह आरोप पूरी तरह निराधार है कि उसके कार्यक्रम को रोका जा रहा है। लोकतंत्र में प्रत्येक राजनीतिक दल को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन प्रशासनिक व्यवस्था, पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों और कानून-व्यवस्था का पालन करना सभी दलों की समान जिम्मेदारी है। उन्होंने कांग्रेस से इस मुद्दे पर विवाद खड़ा करने के बजाय प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

इस घटनाक्रम के बाद राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। एक ओर कांग्रेस इसे राजनीतिक हस्तक्षेप और लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश बता रही है, वहीं प्रशासन और भाजपा का कहना है कि निर्णय पूरी तरह प्रशासनिक एवं सुरक्षा कारणों के आधार पर लिया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय