उन्नत पदार्थ विज्ञान पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के तीसरे दिन देश भर से आये प्रतिभागियों को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
नैनीताल, 05 अक्टूबर (हि.स.)। एएनआरएफ परियोजना और कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला के तीसरे दिन विभिन्न तकनीकी सत्रों और व्यावहारिक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। देश के विभिन्न संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को इलेक्ट्रोकेमिकल तकनीक, वायुगतिकी तथा नैनोप्रौद्योगिकी के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
प्रथम सत्र में पांडिचेरी विश्वविद्यालय के प्रो. पेरुमल एलुमलै ने ‘साइक्लिक वोल्टामेट्री: बेसिक्स एंड एप्लीकेशंस’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने इलेक्ट्रोकेमिकल सेल, इलेक्ट्रोलाइट प्रणाली, ऊष्मागतिकी तथा इंटरफेसियल इलेक्ट्रोकेमिकल तकनीकों की जानकारी दी। प्रतिभागियों ने कैपेसिटर और इलेक्ट्रोड से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञ ने विस्तार से उत्तर दिया।
द्वितीय सत्र में एनआईटी नागालैंड के प्रो. शंभू कुमार महतो ने ‘सीएफडी इन्वेस्टिगेशन ऑफ एनएसीए 4412 एयरफॉइल एयरोडायनामिक्स विदाउट पॉलीमर नैनोकंपोजिट कोटिंगरू इफेक्ट्स ऑफ एंगल ऑफ अटैक, मैक नंबर एंड टर्बुलेंस मॉडल्स’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने एयरोफॉइल की मूलभूत अवधारणाओं के साथ उसके वायुगतिकीय व्यवहार और अध्ययन में प्रयुक्त विभिन्न मानकों की जानकारी दी।
इसके बाद रसायन विज्ञान विभाग के शोध केंद्र स्थित नैनोपार्टिकल प्रयोगशाला में विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण आयोजित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि धान की पराली, अपशिष्ट कागज, प्लास्टिक कचरे और अन्य अपशिष्ट पदार्थों का उपयोग कर पर्यावरण-अनुकूल तरीके से ग्राफीन तैयार किया जा सकता है। प्रतिभागियों को ग्राफीन के इतिहास और इसकी खोज से भी परिचित कराया गया। उत्पादन संयंत्र का भ्रमण कराकर प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्प्रे ड्रायर, मैग्नेटिक स्टिरर, सेंट्रीफ्यूज, फ्यूम हुड, लैमिनर एयर फ्लो, वैक्यूम ओवन, इनक्यूबेटर और जीसी-एमएस जैसे अत्याधुनिक उपकरणों के संचालन एवं कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। रसायन विज्ञान विभाग की शोध छात्रा मनीषा जोशी ने नैनोकणों पर अपना शोध प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में संगोष्ठी के अध्यक्ष डॉ. नंद गोपाल साहू, समन्वयक डॉ. गीता तिवारी, डॉ. महेश चंद्र आर्य, डॉ. पेनी जोशी, डॉ. संतोष उपाध्याय, डॉ. गिरीश चंद्र खरकवाल, डॉ. आंचल अनेजा, डॉ. महेंद्र राणा, डॉ. ललित तिवारी, डॉ. सतीश सती, प्रियंका तिवारी, आयशा, लता, शीतल, भावना सहित शोधार्थी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी