'रचनात्मक कांग्रेस' राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का मंच नहीं, वैचारिक पहल है: संदीप दीक्षित

 


देहरादून, 11 जुलाई (हि.स.)। वरिष्ठ कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि 'रचनात्मक कांग्रेस' किसी संगठनात्मक पद या राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का मंच नहीं, बल्कि संविधान के मूल्यों में विश्वास रखने वाले प्रगतिशील नागरिकों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, कलाकारों, शिक्षाविदों, युवाओं और महिलाओं को जोड़ने की एक वैचारिक पहल है।

शनिवार को यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में संदीप दीक्षित ने कहा कि रचनात्मक कांग्रेस का उद्देश्य केवल राजनीतिक विमर्श तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद स्थापित करना, लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना तथा संविधान में निहित समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि रचनात्मक कांग्रेस भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से प्रेरित एक स्वतंत्र मंच है, जो सामाजिक सरोकारों और वैचारिक प्रतिबद्धता के आधार पर कार्य करेगा। इसका उद्देश्य लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय, समावेशिता और बहुलतावादी भारतीय परंपरा में विश्वास रखने वाले लोगों को एक मंच पर लाना है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड जैसे संवेदनशील राज्य में समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि रचनात्मक कांग्रेस के माध्यम से सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं, शिक्षकों, बुद्धिजीवियों, किसान एवं श्रमिक संगठनों तथा विभिन्न जन आंदोलनों से जुड़े लोगों को साझा मंच उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह मंच संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण, वैचारिक जागरूकता और जनभागीदारी को मजबूत करने के साथ समाज के विभिन्न वर्गों और कांग्रेस के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम बनेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल