गौरीकुंड–केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन

 

गुप्तकाशी, 23 जुलाई (हि.स.)। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण केदारघाटी में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। एक ओर गौरीकुंड–केदारनाथ पैदल मार्ग पर जगह-जगह भूस्खलन का सिलसिला जारी है, वहीं दूसरी ओर सोनप्रयाग–गौरीकुंड मोटर मार्ग की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है।

सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच लगभग पांच किलोमीटर के दायरे में तीन डेंजर जोन ऐसे हैं, जहां लगातार पहाड़ी से चट्टानें और मलबा गिर रहा है। इसके चलते कई बार वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो जाती है और यात्रियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। राहत की बात यह है कि रात के समय इस मार्ग पर यात्रियों की आवाजाही बंद रहती है। जिस कारण अभी तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ हैं।

राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने बताया कि मंदाकिनी नदी के कटाव तथा मुनकटिया के ऊपर से लगातार चट्टान और मलबा खिसकने के कारण यह क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है। उन्होंने बताया कि यहां पर एसडीआरए द्वारा मजबूत कार्य किया गया है। पूर्व में वन विभाग के सेंचुरी क्षेत्र से एनओसी नहीं मिलने के कारण यहां आवश्यक कटिंग कार्य नहीं हो सका था।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में संबंधित ठेकेदार द्वारा सुरक्षात्मक कार्य और और चट्टान को स्थिर करने के लिए आवश्यक निर्माण कार्य किया जा रहा है। हालांकि लगातार हो रही बारिश, मलबा और बोल्डर गिरने के कारण कार्य करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। पांडे ने बताया कि रामपुर से गौरीकुंड के बीच विभाग की चार मशीनें लगातार मार्ग को सुचारु रखने में लगी हुई हैं। इसके अलावा करीब 15 श्रमिक संवेदनशील स्थलों पर चौबीसों घंटे तैनात हैं, जो मार्ग यातायात बहाल करने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / बिपिन