नेता प्रतिपक्ष आर्या ने दिया परिवारवाद को लेकर कड़ा संदेश बोले बेटा संजीव नहीं लड़ेंगे विधानसभा चुनाव

 


हल्द्वानी , 24 जून (हि.स.)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के पुत्र और पूर्व विधायक संजीव आर्य ने वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है।

उनके इस निर्णय को कांग्रेस के भीतर एक बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इसका असर उन राजनीतिक परिवारों पर भी पड़ सकता है, जो अपने परिवार के एक से अधिक सदस्यों के लिए टिकट की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

नैनीताल विधानसभा सीट को लेकर चल रही राजनीतिक अटकलों के बीच संजीव आर्य के चुनाव न लड़ने के फैसले ने नई चर्चा को जन्म दे दिया है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने स्पष्ट किया है कि संजीव आर्य केवल नैनीताल सीट ही नहीं, बल्कि वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव किसी भी सीट से नहीं लड़ना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि यह संजीव आर्य का व्यक्तिगत निर्णय है और पार्टी इसका पूरा सम्मान करती है। यशपाल आर्य के अनुसार, संजीव आर्य फिलहाल संगठनात्मक कार्यों पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। पार्टी हाईकमान उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपेगा, वह उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे। ऐसे में उनका फोकस चुनावी राजनीति से अधिक संगठन को मजबूत करने पर रहेगा।

संजीव आर्य के इस फैसले का असर कांग्रेस में टिकट वितरण की राजनीति पर भी पड़ सकता है। विशेष रूप से उन नेताओं और राजनीतिक परिवारों पर, जो अपने बेटे, बहू या अन्य परिजनों को विधानसभा चुनाव में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। राजनीतिक जानकार इसे कांग्रेस के भीतर संगठन को प्राथमिकता देने और परिवारवाद को लेकर एक अहम संदेश के रूप में देख रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता