जिलाधिकारी ने आरटीआई के दुरुपयोग और अनुशासनहीनता पर दो कर्मचारियों पर की कार्रवाई

 


नैनीताल, 02 जनवरी (हि.स.)। जनपद नैनीताल में शासकीय अनुशासन और कार्यसंस्कृति को लेकर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की सख्त कार्यवाही सामने आई है। कार्यालय से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में जिलाधिकारी ने एक मामले में आरटीआई के कथित दुरुपयोग पर प्रधान सहायक को चेतावनी देते हुए जिला मुख्यालय से स्थानांतरित किया है, जबकि दूसरे मामले में स्थानांतरण आदेश के विरोध में अनुशासनहीन आचरण करने पर एक वरिष्ठ सहायक पर विभागीय दंड लगाया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधान सहायक मोहम्मद अकरम द्वारा अपने ही कार्यालय के विभिन्न पटलों से सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत अत्यधिक मात्रा में सूचनाएं मांगी गई थीं। सीमित मानव संसाधनों के बावजूद लोक सूचना अधिकारी ने कई दिनों के परिश्रम के बाद लगभग 3000 पृष्ठों में सूचना संकलित कर निःशुल्क उपलब्ध कराई, लेकिन संबंधित कर्मचारी ने बिना वैध कारण बताए सूचना लेने से इंकार कर दिया। इसे शासकीय समय, श्रम और संसाधनों का अनावश्यक दुरुपयोग मानते हुए जिलाधिकारी ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि आरटीआई पारदर्शिता का माध्यम है, न कि प्रशासन को बाधित करने का औजार। इसे उत्तराखंड सरकारी सेवक आचरण नियमावली के विपरीत मानते हुए प्रधान सहायक की औपचारिक भर्त्सना की गई और प्रशासनिक आधार पर जिला मुख्यालय से स्थानांतरण किया गया।

वहीं दूसरे प्रकरण में राजस्व विभाग के वरिष्ठ सहायक विजय सिंह गैड़ा के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। बताया गया है कि उनके विरुद्ध जांच में सामने आया कि उन्होंने स्थानांतरण आदेश के विरोध में सार्वजनिक रूप से शासकीय निर्णय की आलोचना करते हुए कार्यालय परिसर में उग्र प्रदर्शन, नारेबाजी और शासकीय कार्यवृत्त में दुराशयपूर्वक छेड़छाड़ की। जांच अधिकारी की रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने पर उत्तराखंड सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली के तहत विभागीय दंड लगाया गया।

इसके अंतर्गत उनकी भर्त्सना करते हुए दो वार्षिक वेतन वृद्धियां दो वर्षों के लिए रोकी गई हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासकीय सेवकों से नियम, मर्यादा और अनुशासन का पालन अनिवार्य है। इस कार्रवाई को प्रशासनिक अनुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी