22 लाख का फसल बीमा, मिल रहे 28 हजार

 


नैनीताल, 01 जनवरी (हि.स.)। भीमताल विकास खंड के किसानों ने फसल बीमा के नाम पर बेहद कम भुगतान किए जाने पर कड़ा रोष जताया है।

ग्राम प्रधान संगठन भीमताल की संरक्षक राधा कुल्याल ने बताया कि साधन सहकारी समिति नौकुचियाताल के माध्यम से किसानों की बीमा किश्त के रूप में 22 लाख रुपये से अधिक की धनराशि एसबीआई इंश्योरेंस कंपनी में जमा कराई गई थी, लेकिन बीमा दावे के रूप में समिति से जुड़े किसानों के खातों में कुल मिलाकर केवल करीब 28 हजार रुपये ही पहुंचे हैं, जो लगभग 1.26 प्रतिशत बैठता है।

इससे ग्रामीण काश्तकारों में बीमा कंपनी और जिला प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है। किसानों का कहना है कि हाल ही में भारी बारिश से अधिकांश फसलें नष्ट हो गईं, बावजूद इसके उनकी सुध नहीं ली गई। दो दिन पूर्व किसान दिवस पर घोषणाएं की गईं, लेकिन धरातल पर राहत नहीं मिली। चेतावनी दी गई है कि यदि बीमा कंपनी ने शीघ्र उचित निर्णय नहीं लिया तो विरोध स्वरूप बीमा कंपनी का पुतला दहन किया जाएगा। साथ ही जिलाधिकारी नैनीताल से बीमा कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

राज्य आंदोलनकारियों के आश्रित छात्रों ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन

उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के आश्रित छात्रों ने कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत से भेंट कर उन्हें निःशुल्क शिक्षा दिए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। डीएसबी परिसर के छात्र हर्षित जोशी, शशांक भंडारी, प्रियांशु नेगी और ज्योत्सना जोशी ने बताया कि उत्तराखंड सरकार के शासनादेश के तहत चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों के दो बच्चों को निःशुल्क शिक्षा का प्रावधान है।

छात्रों ने कहा कि गढ़वाल मंडल के शिक्षण संस्थानों में इस व्यवस्था के तहत न केवल निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है, बल्कि जमा की गई फीस भी वापस की जा चुकी है, जबकि कुमाऊँ मंडल के संस्थानों में यह व्यवस्था लागू नहीं हुई है। उन्होंने मांग की कि डीएसबी परिसर सहित कुमाऊँ विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी शिक्षण संस्थानों में भी यह प्रावधान लागू किया जाए। कुलपति ने छात्रों को आश्वस्त किया कि इस संबंध में नियमों का परीक्षण कर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और यदि प्रावधान लागू करने योग्य हुआ तो विश्वविद्यालय में इसे प्रभावी किया जाएगा। छात्रों ने इस आश्वासन पर कुलपति का आभार जताया।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी