बरसात में बढ़ा जल-मच्छर जनित बीमारियों का खतरा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

 

देहरादून, 08 सितंबर (हि.स.)। बरसात के मौसम में जल जनित और मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। डायरिया, टायफायड, हैजा, पीलिया, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) के माध्यम से प्राप्त साप्ताहिक रिपोर्टों के दृष्टिगत स्वास्थ्य विभाग ने खान-पान और स्वच्छता को लेकर जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है।

स्वास्थ्य विभाग ने जनसामान्य से बासी भोजन का सेवन न करने तथा बाजार में खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थों एवं अधपके भोजन से बचने की अपील की है। विभाग ने सलाह दी है कि घर में पानी को अच्छी तरह उबालकर रखें और पीने तथा खाना बनाने में इसी का प्रयोग करें। पानी को क्लोरीनयुक्त करने के लिए क्लोरीन की गोलियों का प्रयोग स्वास्थ्य कर्मियों के निर्देशानुसार ही किया जाए। शौचालय के उपयोग के बाद तथा भोजन करने से पहले साबुन से हाथ धोने की आदत अपनाएं। फलों एवं सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही सेवन करें।

स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया से बचाव के लिए लोगों से अपने घरों एवं आसपास पानी एकत्रित न होने देने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि सभी पानी की टंकियों एवं जल भंडारण के बर्तनों को ढककर रखें। घरों में लगे गमलों के नीचे पानी एकत्रित करने वाली ट्रे न लगाएं और गमलों में पानी जमा न होने दें। फ्रिज के पीछे, कूलर, गुलदस्तों, मनी प्लांट, पानी के बर्तनों सहित ऐसे सभी स्थानों की नियमित रूप से सफाई करें, जहां पानी जमा हो सकता है। इन वस्तुओं का पानी सप्ताह में कम से कम एक बार पूरी तरह खाली कर उन्हें सुखाकर ही दोबारा उपयोग करें।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से पुराने टूटे बर्तन, बोतल, डिब्बे, बेकार टायर आदि खुले में न फेंकने की अपील की है। इनमें जमा होने वाला पानी डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर के प्रजनन का कारण बन सकता है। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करने, आवश्यकता के अनुसार मच्छररोधी साधनों का उपयोग करने तथा ऐसे कपड़े पहनने की सलाह दी गई है, जिससे शरीर का अधिक से अधिक हिस्सा ढका रहे। बच्चों एवं आमजन को मच्छर जनित रोगों से बचाव के संबंध में जागरूक करना भी आवश्यक है।

लक्षण दिखें तो तत्काल परामर्श लें

स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि तेज बुखार, सिरदर्द, बदन एवं मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में दर्द, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द तथा शरीर पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देने पर इसे नजरअंदाज न करें और तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें। ये लक्षण डेंगू सहित अन्य संक्रामक रोगों के संकेत हो सकते हैं।

विभाग ने आमजन से बिना चिकित्सकीय परामर्श के कोई दवा नहीं लेने की अपील की है। डेंगू की जांच सभी सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध है। ऐसे लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सरकारी अस्पताल से संपर्क कर चिकित्सकीय सलाह एवं जांच अवश्य कराएं।

स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल और मच्छरों की रोकथाम को अपनी दैनिक आदतों का हिस्सा बनाकर ही मानसून के दौरान संक्रामक रोगों से बचाव सुनिश्चित किया जा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल