56 साल बाद देवरा यात्रा पर निकलीं मां ज्वाला
गोपेश्वर, 12 सितम्बर (हि.स.)। 56 साल का लंबा इंतजार खत्म हुआ तो कठूड़ गांव की आराध्य मां ज्वाला देवी की उत्सव डोली देवरा यात्रा पर निकल पड़ी। शनिवार को विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद मां ज्वाला की डोली को मंदिर के गर्भगृह से बाहर लाकर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखा गया। मां ज्वाला के दर्शन और आशीर्वाद के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। रविवार को पूजा-अर्चना के बाद देव डोली केदारनाथ धाम के लिए रवाना होगी।
कठूड़ गांव स्थित ज्वाला देवी मंदिर में पुजारी पंडित दिनेश चंद्र थपलियाल ने विधिवत पूजा-अर्चना कराई। धार्मिक रीति-रिवाजों के बीच देव डोली को गर्भगृह से बाहर लाया गया। शनिवार को डोली गांव में प्रवास करेगी। रविवार को केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी। केदारनाथ धाम से लौटने के बाद मां ज्वाला की डोली बदरीनाथ धाम पहुंचेगी, जहां भगवान बदरीविशाल से मिलन होगा। इसके बाद देव डोली विभिन्न गांवों के भ्रमण पर निकलेगी।
ज्वाला देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष विक्रम सिंह बिष्ट, सचिव लखपत कनवासी, कोषाध्यक्ष बीरेंद्र बत्र्वाल और सुनील नाथन बिष्ट ने बताया कि करीब 56 वर्षों बाद मां ज्वाला की देवरा यात्रा निकल रही है। उन्होंने बताया कि देवरा यात्रा पूरी होने के बाद महायज्ञ का आयोजन भी किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व काबिना मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी, बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला, पूर्व प्रमुख नंदन बिष्ट, जिला पंचायत सदस्य जयप्रकाश पंवार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य योगेंद्र सेमवाल, उक्रांद नेता कमल किशोर डिमरी और बृजमोहन सजवाण सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / जगदीश पोखरियाल