प्रत्यंचा चढ़ाकर भगवान श्री राम ने तोड़ा प्राचीन शिव धनुष
नई टिहरी, 26 अक्टूबर (हि.स.)। जौनपुर ब्लॉक मुख्यालय थत्यूड़ में धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक समिति के तत्वावधान में आयोजित पौराणिक रामलीला की चौथी संध्या में शिव धनुष भंग, सीता स्वयंवर और भगवान परशुराम-लक्ष्मण संवाद का भावपूर्ण मंचन किया गया। शिव धनुष तोड़ते ही पंडाल में जय श्री राम के नारे गुंजायमन हुए।
रविवार शाम को थत्यूड़ में आयोजित रामलीला का राज्य मंत्री जोत सिंह बिष्ट, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष सुभाष रमोला ने आरती कर शुभारंभ किया। कहा कि रामलीला समृद्ध सनातनी संस्कृति का महत्पूर्ण भाग है। संचालक सुनील सजवाण ने बताया कि रामलीला के प्रथम प्रसंग में श्रीराम और लक्ष्मण गुरु विश्वामित्र के साथ मिथिल जाते हैं। जहां शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने वाले से सीता स्वयंवर की शर्त लगी होती है। कई राजा इसकी नाकाम कोशिश करते हैं।
इस दौरान लक्ष्मण, महाराजा जनक के बीच भी साहसिक संवाद होता है। श्री राम प्राचीन शिव धनुष तोड़ देते हैं। जिसके बाद सीता और श्रीराम का विवाह होता है। शिव धनुष टूटने का समाचार मिलने पर भगवान परशुराम क्रोधित होकर मिथिला पहुंचते हैं। इस दौरान लक्ष्मण और परशुराम के बीच तीखा संवाद होता है। अंततः परशुराम को एहसास होता है कि शिव धनुष तोड़ने वाले भगवान श्रीराम कोई साधारण पुरुष नहीं, बल्कि नारायण के स्वरूप हैं।
इस मौके पर श्रीराम की भूमिका में मनोज नट्ट, लक्ष्मण की प्रवीण पंवार, रावण की सचिन लेखवार, जनक की दीपेंद्र रावत, बाणासुर की हरि लेखवार, मंत्री की दीपक सजवाण और विश्वामित्र की भूमिका दीपक सकलानी ने निभाई। इस मौके पर भाजयुमो प्रदेश महमांत्री मुलायम सिंह रावत, आनंद सिंह बेलवाल, समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र राणा, जयपाल कैरवाण, रमन रावत मौजूद थे।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी