पौड़ी की रामलीला में घायल बाली का करुण विलाप दर्शकों के दिल को छू गया
पौड़ी गढ़वाल, 18 अक्टूबर (हि.स.)।रामलीला मंचन के सातवें दिन रामलीला की शुरुवात मां काली की वंदना मां माता कालिका से हुई। भाव नृत्य में पावनी बहुगुणा ने शानदार प्रस्तुति दी। धर्म हेतु अवतरहुं गुसांई, मारहुं मोहि व्याघ की नाहीं। मैं बैरी, सुग्रीव पियारा, कारण कवथ नाथ मोहे मारा।
भगवान राम द्वारा बाली को छिपकर बाण मारना और घायल बाली का करुण विलाप दर्शकों के दिल को छू गया। बाली की भूमिका में प्रज्ज्वल, तारा की भूमिका में दीक्षा और सुग्रीव की भूमिका में कृष का अभिनय शानदार रहा। पारस हनुमान की भूमिका निभा रहे हैं। रामलीला का मंचन रावण मारीच संवाद से शुरू होकर, हनुमान राम संवाद, राम सुग्रीव मित्रता, बाली सुग्रीव युद्ध, बाली मरण, तारा विलाप, अंगद का राजतिलक तक मंचित की गई।
बाली की भूमिका में प्रज्वल और सुग्रीव की भूमिका में कृष का अभिनय शानदार रहा। इससे पूर्व मुख्य अतिथि उत्तराकेयर हॉस्पिटल पौड़ी के चीफ़ एग्जिक्युटिव ऑफिसर डॉ जॉर्ज, प्रबंधक संजय गोविल और एडमिनिस्ट्रेटर कमल कांत काला ने रामलीला के आयोजन को महतवपूर्ण बताते हुए कहा कि नागरिकों द्वारा एकजुट होकर आयोजन करना और उसे जनता के बीच रोचक बनाना कबीलेतारिफ है। कहा कि पौराणिक धरोहरों के लिए सफलता पूर्वक आयोजन होना ही उसकी सफलता को दर्शाता है।
उन्होंने रामलीला के आयोजन के लिए आयोजन समिति की सराहना की। पुरुष पात्रों के रूप सज्जा का कार्य आशीष नेगी, सुरेंद्र रमोला, गौरव गैरोला, महिला पात्रों के रूप सज्जा का कार्य विनीता नेगी, रजनी रावत, तनुप्रिया सुंद्रियाल और सुहानी नौटियाल कर रहे हैं। इस मौके पर सचिव राम सिंह रावत, आशुतोष नेगी, विक्रम गुसांई, राजेंद्र लिंगवाल, नवीन मियां, ललित चिटकारिया, सुशील बहुगुणा आदि मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह