दीक्षा हत्याकांड के आरोपित को आजीवन कारावास व एक लाख अर्थदंड की सजा
नैनीताल, 26 फ़रवरी (हि.स.)। 15 अगस्त 2021 को स्वतंत्रता दिवस के दिन नैनीताल में मल्लीताल पुलिस कोतवाली के पास एक होटल में हुई एक हिंदू युवती दीक्षा की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश नैनीताल-प्रशांत जोशी के न्यायालय ने अपना निर्णय सुना दिया है।
हत्यारोपित ऋषभ तिवारी उर्फ इमरान पुत्र इत्वेजामू अद्दीन, निवासी मकान संख्या 220, पटेल नगर गाजियाबाद को हत्या के अभियोग में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दंडित करते हुए आजीवन कारावास एवं एक लाख रुपये की सजा सुनायी गयी है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
न्यायालय ने उत्तराखंड अपराध से पीड़ित सहायता योजना-2013 के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल को मृतका की माता को आर्थिक सहायता धनराशि देने के आदेश भी किये हैं।
अभियोजन के अनुसार आरोपित इमरान ने अपना वास्तविक नाम और पहचान छिपाकर स्वयं को हिंदू ब्राह्मण ऋषभ तिवारी बताते हुए दीक्षा से जान-पहचान बढ़ाई और उसे नैनीताल में जन्मदिन मनाने के बहाने नैनीताल घुमाने के लिए लाया। 14 अगस्त 2021 की शाम होटल गैलेक्सी में दो कमरे लिए गए थे। एक कमरे में रिपोर्टकर्ता श्वेता शर्मा और उनकी मित्र अलमास रुकी थीं, जबकि दूसरे कमरे में दीक्षा और आरोपित ठहरे थे।
16 अगस्त 2021 को जब दीक्षा और आरोपित का फोन रिसीव नहीं हुआ तो श्वेता और अलमास उनके कमरे पर पहुंचीं। दरवाजा खोलने पर दीक्षा को बिस्तर पर अचेत अवस्था में पाया गया, जबकि आरोपित इमरान मौके से फरार था और उसका मोबाइल फोन बंद मिला। इसके बाद कोतवाली मल्लीताल में सूचना दी गई और मामला दर्ज किया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृतका की मृत्यु गला दबाने के कारण दम घुटने से हुई पायी गयी। हत्या करने के बाद इमराम गाजियाबाद गया था और मृतका की 15 वर्षीय बेटी से धोखे से पासवर्ड और कागजात लेकर चला गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील कुमार शर्मा ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की। अभियोजन ने 17 गवाहों के बयान दर्ज कराए। साथ ही केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला चंडीगढ़ के विशेषज्ञों को भी न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिन्होंने घटनास्थल से जब्त डीवीआर संबंधी साक्ष्यों को प्रमाणित किया। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी ने आरोपित को हत्या का दोषी ठहराते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी