टिहरी के विकास पर खर्च हाे टिहरी बांध की रॉयल्टी
नई टिहरी, 18 जून (हि.स.)। प्रतापनगर सहित बांध प्रभावित क्षेत्र में खर्च करने, बांध प्रभावितों को निशुल्क बिजली पानी देने सहित अन्य मांग को लेकर टिहरी गढ़वाल जन अधिकारी संघर्ष मोर्चा से जुडे़ लोगों ने खैट पर्वत पर भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इन मांगों के समर्थन में वे बीते 110 दिनों से जिला मुख्यालय के बौराड़ी गणेश चौक में धरना देते आ रहे थे। शासन-प्रशासन की ओर से कार्यवाही होने आहत आंदोलनकारियों ने अब खैट पर्वत पर भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
बौराड़ी गणेश चौक में टिहरी गढ़वाल जन अधिकार संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष सागर भंडारी के नेतृत्व में टिहरी बांध प्रभावितों को हनुमंत राव कमेटी की सिफारिशों के आधार पर निशुल्क बिजली पानी देने की मांग को लेकर बीते 28 फरवरी से आंदोलन चल रहा था। आंदोलनरत लोग विभिन्न मंचों के माध्यम से टिहरी बांध से मिलने वाली रॉयल्टी की 12 प्रतिशत धनराशि नई टिहरी, प्रतापनगर सहित बांध प्रभावित क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर खर्च करने और राज्य सरकार को टीएचडीसी के टिहरी बांध पर 25 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। अलग राज्य बनने के बाद से यह उत्तराखंड का हक है।उक्त समस्याओं का समाधान न होने पर आंदोलनरत लोगों ने कड़ा आक्रोश जताया।
मांग के समर्थन में वीरवार से मोर्चा के संयोजक सागर भंडारी, गोपीनाथ सिंह रावत, देवांक चमोली, अजय पंवार ने खैट पर्वत पर भूख हड़ताल पर बैठ गए। उनका कहना है कि समस्याओं का समाधान न होने तक आंदोलन चलत रहेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल