छात्र संघ अध्यक्ष करन ने थामा अभाविप का दामन थामा
नैनीताल, 27 अगस्त (हि.स.)। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर के छात्रसंघ अध्यक्ष करन सती ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की सदस्यता ग्रहण कर ली है। खास बात यह है कि छात्रसंघ चुनाव में विरोध के प्रतीक बने काले झंडे के बैनर तले निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे करन सती ने इसी संगठन के प्रत्याशी तनिष्क मेहरा को 249 मतों के अंतर से पराजित कर अध्यक्ष पद हासिल किया था। अब करन सती के परिषद में शामिल होने को परिसर की छात्र राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। खास बात यह भी है कि करन का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में प्रवेश भाजपा विधायक सहित भाजपा नेताओं की मौजूदगी में हुआ।
डीएसबी परिसर के छात्रसंघ अध्यक्ष पद के चुनाव में करन सती को 1466 मत मिले थे, जबकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रत्याशी तनिष्क मेहरा को 1217 मत प्राप्त हुए थे। करन सती ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में विरोध के प्रतीक माने जाने वाले काले झंडे के बैनर तले चुनाव लड़ा था और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रत्याशी को पराजित कर जीत हासिल की थी। हालांकि तब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भाजपा से जुड़े लोगों पर अपने विचार से बाहर करन का समर्थन करने और अपने प्रत्याशी को हराने के आरोप भी लगे थे।
बहरहाल अब करन ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की सदस्यता ग्रहण कर ली है। इस अवसर पर विधायक सरिता आर्या, भाजपा नगर अध्यक्ष नितिन कार्की, भाजपा नेता मनोज जोशी, विकास जोशी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष उत्कर्ष बिष्ट, मोहित पंत सहित अन्य छात्र साथियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनका स्वागत किया। छात्रसंघ चुनाव में परिषद के प्रत्याशी को हराकर निर्दलीय रूप से जीत दर्ज करने वाले करन सती का बाद में उसी संगठन में शामिल होना परिसर की छात्र राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी