टेबिल टेनिस में कायरा मनवा रही अपनी प्रतिभा का लोहा
पौड़ी गढ़वाल, 17 सितंबर (हि.स.)। महज 12 साल की उम्र में कायरा भंडारी टेबल टेनिस में लगातार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। पौड़ी में आयोजित दूसरे उत्तराखंड स्टेट रैंकिंग टूर्नामेंट में चार अलग-अलग वर्गों में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने दिखाया कि कम उम्र में भी मेहनत और लगन के दम पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
कायरा ने अंडर-15, 17 और 19 वर्ग के साथ ही महिला एकल वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए चारों खिताब अपने नाम किए। कायरा ने कोविड काल के दौरान वर्ष 2021 में टेबल टेनिस खेलना शुरू किया था। शुरुआती दौर में खेल के प्रति रुचि रखने वाली कायरा ने वर्ष 2023 से जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में नियमित रूप से हिस्सा लेना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग आयु वर्गों में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया और अपनी राष्ट्रीय रैंकिंग में भी सुधार किया। अंडर 13 वर्ग में वह भारत की नंबर-34 खिलाड़ी तक पहुंच चुकी हैं।
खास बात यह है कि काइरा अब केवल अपनी आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं हैं। वह अंडर 15, 17 और 19 वर्ग के साथ महिला वर्ग में भी चुनौती पेश कर रही हैं। पौड़ी की प्रतियोगिता में महिला एकल का खिताब जीतना उनके लिए खास उपलब्धि रही, क्योंकि यह उनका पहला महिला वर्ग का खिताब है। कायरा की मेहनत का असर राष्ट्रीय स्तर के साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी दिखाई दे रहा है।
वर्ष 2026 में उन्होंने ताशकंद और अल्माटी में आयोजित डब्ल्यूटीटी यूथ कंटेंडर प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया। छोटी उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना उनके खेल सफर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। काइरा का उत्तराखंड से भी गहरा जुड़ाव है। उनका मूल घर देहरादून में है, जबकि उनके पिता का परिवार टिहरी गढ़वाल के कीर्तिनगर से जुड़ा है।
पौड़ी में चार स्वर्ण पदक जीतकर कायरा ने एक बार फिर अपनी क्षमता दिखाई है। उनकी लगातार मेहनत, प्रतियोगिताओं में बढ़ती भागीदारी और बड़े खिलाड़ियों के बीच बेहतर प्रदर्शन से आने वाले समय में उनसे खेल जगत को और उम्मीदें जुड़ रही हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह