भारत-नेपाल मैत्री सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण और सीमा-पार सहयोग पर जोर
देहरादून, 30 जुलाई (हि.स.)। नेपाल के दार्चुला में आयोजित भारत-नेपाल मैत्री बैठक एवं 'लखपति दीदी' सम्मेलन में दोनों देशों की महिला प्रतिनिधियों ने सीमांत क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और सीमा-पार सहयोग को बढ़ावा देने पर बल दिया।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश मीडिया संयोजक डॉ. दिव्या नेगी ने गुरुवार को जारी विज्ञप्ति में बताया कि भाजपा महिला मोर्चा उत्तराखंड की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट के नेतृत्व में उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया। सम्मेलन में स्वयं सहायता समूहों की भूमिका, महिला उद्यमिता, कौशल विकास और आजीविका के अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया। भारत और नेपाल की महिलाओं ने अनुभव साझा करते हुए भविष्य में संयुक्त प्रशिक्षण एवं सहयोगात्मक कार्यक्रम चलाने की सहमति व्यक्त की।
सम्मेलन में 'लखपति दीदी'अभियान की भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और आयवर्धन के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। साथ ही बैंक ऋण, प्रशिक्षण, विपणन और डिजिटल सेवाओं जैसी सुविधाओं से महिलाओं को जोड़ा जा रहा है।
पिथौरागढ़ भाजपा के जिला उपाध्यक्ष राजेन्द्र नेगी ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध हैं और महिलाओं की सहभागिता से इन संबंधों को और मजबूती मिलेगी।
सम्मेलन में उत्तराखंड से कमला चुफाल, लक्ष्मी मेहता, शकुंतला अगारी,सीमा रोकली,राधा बिष्ट,राधा मर्तोलिया,तुलसी,लक्ष्मी परमार,इंद्रा देवी,मनीष नवीन सहित अन्य प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
गुरुवार को पिथौरागढ़ प्रवास पर रुचि भट्ट ने सीमांत क्षेत्र के रंग संग्रहालय का भ्रमण कर रंग समुदाय की महिलाओं से संवाद किया। उन्होंने समुदाय की पारंपरिक वेशभूषा एवं आभूषण धारण कर उनकी सांस्कृतिक विरासत की सराहना की और कहा कि उत्तराखण्ड की लोक एवं जनजातीय संस्कृति का संरक्षण आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में भारत और नेपाल की महिलाओं के बीच संवाद, प्रशिक्षण,स्वयं सहायता समूहों के अनुभवों के आदान-प्रदान और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए भविष्य में नियमित संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय