गौला पुल पर बढ़ा खतरा, सेल्फी और रील बनाने वालों को सख्त चेतावनी
हल्द्वानी , 02 सितंबर (हि.स.)। पिछले दो दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश का असर अब हल्द्वानी और आसपास के इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। जगह-जगह सड़कें बाधित हैं, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
इसी बीच गौला नदी के तेज बहाव को देखते हुए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने पुलिस अधिकारियों के साथ हल्द्वानी स्थित गौला पुल का निरीक्षण किया और मौके की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने पुल के आसपास बढ़ती भीड़ और सेल्फी-रील बनाने के लिए खतरनाक स्थानों पर पहुंच रहे लोगों को लेकर गंभीर चिंता जताई। एसएसपी ने कहा कि पिछले दो दिनों से काठगोदाम, हल्द्वानी, बनभूलपुरा, लालकुआं और चोरगलिया क्षेत्र में लगातार भारी बारिश हो रही है।
पहाड़ी क्षेत्रों में भी बारिश का दौर जारी है, जिसका असर अब मैदानी इलाकों में नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और जलभराव के रूप में दिखाई दे रहा है।एसएसपी ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाओं को देखते हुए पुलिस के साथ SDRF, जल पुलिस और संबंधित थानों की टीमें तैनात हैं।
जहां भी मलबा या भूस्खलन की सूचना मिल रही है, वहां टीमें तत्काल पहुंचकर स्थिति को संभाल रही हैं।वहीं मैदानी क्षेत्रों की चुनौती को अलग बताते हुए उन्होंने कहा कि काठगोदाम, बनभूलपुरा और चोरगलिया समेत डूब क्षेत्र वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इन क्षेत्रों के थानों को चिता और पिकेट्स को स्थायी रूप से सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी ने गौला पुल के पास लोगों की बढ़ती भीड़ को लेकर विशेष चिंता जताई। उन्होंने कहा कि तेज बहाव के बीच लोग पुल के आसपास खड़े होकर फोटो, सेल्फी और रील बनाने पहुंच रहे हैं, जो बेहद खतरनाक है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि पुलों और तेज बहाव वाली नदियों के किनारे खड़े होकर फोटो या वीडियो न बनाएं और न ही रील बनाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालें। उन्होंने कहा कि पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। लेकिन हर व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की जिम्मेदारी भी समझनी होगी। तेज बहाव के बीच किसी अप्रिय घटना की स्थिति में जानमाल का नुकसान होने के साथ यातायात भी प्रभावित हो सकता है।
एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने लोगों से गौला पुल के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाने और यातायात व्यवस्था को बाधित नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं और नदी का बहाव अचानक खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता