बिडोली में मछली पालन बना स्वरोजगार का जरिया

 

पौड़ी गढ़वाल, 06 सितंबर (हि.स.)।मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने विकासखंड पाबौ के बिडोली गांव में ग्रामीणों के लिए स्वरोजगार की नई राह खोली है। योजना और जिला योजना के तहत तैयार किए गए 20 तालाबों में मछली उत्पादन किया जा रहा है। इन तालाबों का संचालन नौ सदस्यों वाली प्रेरणा मत्स्य जीवी सहकारिता समिति कर रही है।

तालाबों में तैयार हो रही मछलियों की अब स्थानीय बाजारों में भी मांग बढ़ रही है। समिति की ओर से स्थानीय होटलों के अलावा खिर्सू, चौबट्टा, पाबौ बाजार सहित आसपास के क्षेत्रों में मछली की बिक्री की जा रही है। अब तक समिति करीब 70 किलो मछली बेच चुकी है, जबकि तालाबों में वर्तमान में करीब पांच क्विंटल मछली उपलब्ध है।

मछली का बाजार मूल्य वर्तमान में 250 से 300 रुपये प्रति किलो है। समिति बाजार की मांग के अनुसार तालाबों से मछली निकालकर बिक्री कर रही है। इससे समिति के सदस्यों को स्थानीय स्तर पर आय का अवसर मिल रहा है।

मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि बिडोली के तालाबों में फंगास, कार्प और तिलापिया प्रजाति की मछलियों का पालन किया जा रहा है। स्थानीय होटलों और आसपास के बाजारों से मिलने वाली मांग के आधार पर मछली का विपणन किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन को स्वरोजगार और आय के प्रभावी साधन के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। बिडोली में समिति को तालाबों के संचालन की जिम्मेदारी मिलने से मत्स्य उत्पादन के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर विपणन को भी बढ़ावा मिला है।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह