स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से दुर्व्यवहार पर भड़का जन संघर्ष मोर्चा, भारी कीमत चुकाने की दी चेतावनी
हरिद्वार, 20 जनवरी (हि.स.)। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष गुलशन खत्री ने प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद एवं उनके भक्तों के साथ प्रशासन द्वारा किए गए कथित दुर्व्यवहार पर कड़ा आक्रोश जताया है। उन्होंने प्रेस के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार और प्रयागराज प्रशासन की कड़ी निंदा करते हुए इसे समस्त सनातनियों का अपमान बताया।
गुलशन खत्री ने कहा कि मौनी अमावस्या जैसे पावन पर्व पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जैसे संत और उनके अनुयायियों के साथ दुर्व्यवहार अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो सरकार स्वयं को हिंदूवादी बताती है और जहां मुख्यमंत्री स्वयं संत हैं, वहां संत भी सुरक्षित नहीं हैं, यह अत्यंत शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि देशवासी भारत सरकार से पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा की उम्मीद करते हैं, लेकिन अपने ही देश में इस तरह की घटना ने पूरे सनातन समाज को आहत किया है। यह घटना पाप के घड़े को भरने जैसी है।
जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष ने मांग की कि उत्तर प्रदेश सरकार और प्रयागराज प्रशासन तुरंत अपनी गलती स्वीकार करे और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। ऐसा न करने पर उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार को वर्ष 2027 में इस हिंदू विरोधी, सनातन विरोधी और संत विरोधी कृत्य की भारी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि संत समाज और सनातनी जनता इस अपमान को कभी स्वीकार नहीं करेगी और समय आने पर इसका करारा जवाब देगी
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला