नैनीताल में बाहरी जिलों के दोपहिया वाहनों पर भी प्रवेश शुल्क लागू

 

नैनीताल, 16 जुलाई (हि.स.)। पर्यटन नगरी नैनीताल में वाहनों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के उद्देश्य से लागू चुंगी व्यवस्था के तहत अब जनपद नैनीताल के बाहर पंजीकृत दोपहिया वाहनों से भी 100 रुपये चुंगी शुल्क लिया जाने लगा है। 16 जुलाई से लागू हुई इस व्यवस्था के बाद बाहरी जिलों के वाहन चालकों के साथ-साथ अधिवक्ताओं ने भी इसका विरोध शुरू कर दिया है। नगर पालिका का कहना है कि व्यवस्था उप नियमों के अनुरूप लागू की गई है।

नगर पालिका परिषद नैनीताल ने हाल ही में नगर के तीनों प्रवेश द्वारों पर स्थित चुंगियों का ठेका 24.55 करोड़ रुपये से अधिक की राशि में दिया है। इसके बाद नई व्यवस्था के तहत 15-16 जुलाई के बीच की मध्य रात्रि से नैनीताल जनपद के बाहर के नंबर वाले दोपहिया वाहनों से भी नगर में प्रत्येक प्रवेश पर 100 रुपये चुंगी शुल्क वसूला जा रहा है। पहले यह व्यवस्था मुख्य रूप से चारपहिया और अन्य वाहनों तक सीमित मानी जाती थी, लेकिन अब दोपहिया वाहन भी इसके दायरे में आ गए हैं।

नई व्यवस्था का विरोध तब शुरू हुआ जब जिला न्यायालय आ रहे बाहरी नंबर के दोपहिया वाहन पर सवार एक अधिवक्ता से भी चुंगी शुल्क की मांग की गई। इसके बाद अधिवक्ताओं सहित अन्य लोगों ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई और इसे व्यावहारिक कठिनाइयों से जोड़ते हुए पुनर्विचार की मांग की। इस पर पूछे जाने पर नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने बताया कि नगर पालिका के उपनियमों में नैनीताल जनपद से बाहर पंजीकृत दोपहिया वाहनों से चुंगी शुल्क लेने का स्पष्ट प्रावधान है और उसी के अनुरूप शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं सहित नियमित रूप से आने वाले लोगों से अपील की जाएगी कि यदि संभव हो तो वे स्थानीय पंजीकरण वाले वाहनों का उपयोग करें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बार एसोसिएशन बाहरी नंबर वाले अधिवक्ताओं के वाहनों की सूची उपलब्ध कराती है तो ऐसे वाहनों को चुंगी शुल्क से छूट देने की संभावना पर विचार किया जा सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी