लोक पुस्तकालयों को आधुनिक ज्ञान केंद्र बनाने पर बल, कुमाऊं विश्वविद्यालय में क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू

 


नैनीताल, 22 अगस्त (हि.स.)। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग में सार्वजनिक पुस्तकालय पेशेवरों के लिए पांच दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। बताया गया है कि पुस्तकालयों को सशक्त बनाकर समुदायों और भविष्य को अधिक सक्षम बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और राजा राम मोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन, कोलकाता के राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम 26 अगस्त तक चलेगा, जिसमें पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल प्रबंधन और समुदाय आधारित सेवाओं पर विशेषज्ञ प्रशिक्षण दिया जाएगा।

विश्वविद्यालय के यूजीसी मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र हर्मिटेज में आयोजित हो रहे कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, तिलक स्वागत, सरस्वती वंदना और स्वागत गीत के साथ हुआ। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन के परियोजना प्रबंधक दिपेंद्र चटर्जी और विशिष्ट अतिथि डीएसबी परिसर की निदेशक प्रो. नीता बोरा रहीं। कार्यक्रम का समन्वय कर रहे पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. युगल जोशी ने कहा कि भविष्य का पुस्तकालय केवल पुस्तकों का भंडार नहीं, बल्कि ज्ञान, तकनीक, शोध, नवाचार और समुदाय को जोड़ने वाला आधुनिक केंद्र होगा। प्रो. नीता बोरा ने कार्यक्रम की सफलता की शुभकामनाएं दीं, जबकि दिपेंद्र चटर्जी ने राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

दूसरे सत्र में मयंक पंत ने सोशल मीडिया की पहुंच और उपयोग पर प्रस्तुति दी। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रो. एम मासूम रजा ने लोक पुस्तकालयों में उभरती तकनीकों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से पाठकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के उपाय बताए। आगामी सत्रों में पुस्तकालय प्रबंधन, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कोहा, मेटाडाटा, डिजिटल पुस्तकालय, संस्थागत रिपॉजिटरी, मुक्त अभिगम, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सूचना साक्षरता, समुदाय पहुंच और पुस्तकालय विपणन जैसे विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान होंगे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पुष्पा अधिकारी ने किया। इस अवसर पर सहायक कुलसचिव विश्वकर्मा, डॉ. सीसी तिवारी, प्रो. नीलू लोधियाल, प्रो. ललित तिवारी, डॉ. अशोक, डॉ. अशोक उप्रेती, दीप तिवारी, अरुण वर्मा, पूजा, दीपा राणा, हेम धौलाखंडी सहित विभाग के शिक्षक, कर्मचारी, शोधार्थी, विद्यार्थी और प्रतिभागी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी