कन्या गुरुकुल में संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा (सीबीटी) पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित
हरिद्वार, 05 मई (हि.स.)। कन्या गुरुकुल हरिद्वार के मनोविज्ञान विभाग में 4 एवं 5 मई को संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा (सी.बी.टी) पर दो दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में सीबीटी की मूल अवधारणाओं, तकनीकों तथा उनके व्यवहारिक उपयोग से परिचित कराना था।
कार्यशाला के प्रथम दिन सीबीटी के सैद्धांतिक पक्षों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा एक लक्ष्य-उन्मुख मनोचिकित्सा पद्धति है, जिसका मुख्य उद्देश्य व्यक्ति के विचारों, भावनाओं और व्यवहार के अनुपयुक्त पैटर्न में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। विशेषज्ञों ने समझाया कि किसी घटना से अधिक, उस घटना के प्रति हमारी सोच हमें प्रभावित करती है। इस दौरान स्वचालित नकारात्मक विचारों की पहचान, संज्ञानात्मक विकृतियों जैसे अतिशयोक्ति और नकारात्मक निष्कर्षों को उदाहरणों व केस स्टडी के माध्यम से स्पष्ट किया गया। साथ ही, अस्वस्थ विचारों को चुनौती देकर उन्हें यथार्थवादी और सकारात्मक विचारों में बदलने की प्रक्रिया, जिसे संज्ञानात्मक पुनर्गठन कहा जाता है, पर भी प्रकाश डाला गया।
दूसरे दिन कार्यशाला में व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया। छात्राओं को विचारों का रिकॉर्ड तैयार करना, उनका पुनर्गठन करना, व्यवहार में परिवर्तन लाना, भूमिका निर्वाहन (रोल प्ले) और समूह गतिविधियों के माध्यम से समस्या समाधान तकनीकों का अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही, सीबीटी को दैनिक जीवन और काउंसलिंग में प्रभावी ढंग से लागू करने के तरीके भी उदाहरणों के माध्यम से समझाए गए।
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञ निधि कोठियाल ने छात्राओं के प्रश्नों के उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। समापन अवसर पर डॉ. सुनीता रानी ने विभाग की ओर से उनका आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों के आयोजन की आशा जताई।
इस अवसर पर डॉ. ऋचा सक्सैना, डॉ. पारूल मलिक, शोध छात्रा भव्या अरोड़ा, मणिका, प्रयोगशाला सहायक दीपा साहू एवं हरिराम का विशेष सहयोग रहा। विभाग ने आश्वासन दिया कि भविष्य में अधिक प्रयोगात्मक सत्रों, वास्तविक जीवन के केस स्टडी तथा उन्नत सीबीटी कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला