‘द प्रिंसेस ऑफ बरसाना’ पुस्तक की लेखिका नीलिमा ने साझा किए अनुभव
नैनीताल, 29 जून (हि.स.)। साहित्य और पुस्तकों के प्रति रुचि को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नैनीताल में ‘द राइट सर्कल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध लेखिका नीलिमा डालमिया अधर और रीना कुमारी के मध्य नीलिमा की नई पुस्तक ‘द प्रिंसेस ऑफ बरसाना’ पर विस्तृत चर्चा के साथ लेखन, सृजन और साहित्य पर चर्चा हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्यक्रम का आयोजन प्रभा खेतान फाउंडेशन और एहसास वुमेन ऑफ नैनीताल के संयुक्त तत्वावधान में नगर के एक होटल में किया गया, जिसमें लेखिका ने पुस्तक की रचना प्रक्रिया और उसके भावनात्मक पक्ष पर विस्तार से प्रकाश डाला। नीलिमा डालमिया ने कहा कि ‘द प्रिंसेस ऑफ बरसाना’ उनके लिए केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि एक ऐसे स्वप्न की अभिव्यक्ति है, जो अनेक वर्षों से उनकी चेतना में प्रवाहित होता रहा। उन्होंने कहा कि इस कृति में प्रेम, आध्यात्मिक अनुभूति और राधा के व्यक्तित्व के विभिन्न आयामों को शब्दों में उकेरने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने पुस्तक के लेखन से जुड़े अपने अनुभव भी श्रोताओं के साथ साझा किए। कार्यक्रम में रीना कुमारी ने पुस्तकों के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए नीलिमा की अन्य चर्चित कृतियों ‘फादर ऑफ डियरेस्ट’ और ‘द सीक्रेट डायरी ऑफ कस्तूरबा’ का भी उल्लेख किया। इस अवसर पर कुर्मांचल बैंक के पूर्व अध्यक्ष आलोक साह, गीता साह, आन्या, अक्षोभ सिंह, अल्का पांडे सहित अनेक साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन ध्वनि वोहरा ने किया।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी