स्वामी करौली शंकर बने नया उदासीन अखाड़े के महामण्डलेश्वर
हरिद्वार, 31 मार्च (हि.स.)। मां बगलामुखी के उपासक स्वामी करौली शंकर महाराज का पट्टाभिषेक मंगलवार प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में पारंपरिक वैदिक विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुआ। यह धार्मिक अनुष्ठान श्री पंचायती नया अखाड़े की परंपरा के अंतर्गत सत पंच परमेश्वर की उपस्थिति में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से आए संत-महंतों और भक्तों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्री चंद्रदेव महाराज की पूजा-अर्चना और गोला जी के तिलक पूजन से हुई। इसके बाद अखाड़े की परंपरा के अनुसार संत समाज की मौजूदगी में स्वामी करौली शंकर महाराज का पट्टाभिषेक कराया गया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव महंत रवींद्र पुरी महाराज ने स्वामी करौली शंकर महाराज को चादर एवं तिलक प्रदान कर उनका अभिनंदन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उन्होंने कहा कि करौली शंकर महाराज साधना के माध्यम से लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा और आरोग्य प्रदान करते हैं व सनातन धर्म की ध्वजा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि भगवान शिव की कृपा से इस पावन दिन पर पट्टाभिषेक होना अत्यंत शुभ माना जाता है। करौली शंकर महाराज तंत्र, मंत्र और यंत्र साधना की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समाज में धर्म और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करेंगे।
कार्यक्रम में संत-महंतों और भक्तों की बड़ी संख्या मौजूद रही। इस दौरान मुखिया संत सुरेश मुनि, चंद्र मुनि,महंत भगतराम, महेंद्र दास, उपाध्यक्ष गोपाल दास, बाबा बलराम दास हठयोगी, महामंडलेश्वर चंद्रभूषण महाराज, महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश महाराज, महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी, स्वामी प्रबोधानंद गिरि, स्वामी ऋषिश्वरानंद, कोठारी जसविंदर सिंह, विधायक आदेश चौहान, मंत्री प्रदीप बत्रा, अनिरुद्ध भाटी सहित कई संत-महंत उपस्थित रहे।
देश के विभिन्न राज्यों से आए संतों और भक्तों ने स्वामी करौली शंकर महाराज को शुभकामनाएं देते हुए उनके द्वारा सनातन धर्म और आध्यात्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में संत समाज ने सनातन धर्म की परंपरा को मजबूत करने और समाज में आध्यात्मिक जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। करौली शंकर महादेव ने समारोह में आए सभी का आभार जताया।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला