राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान को धामी ने किया नमन, बोले- उनके सपनों का उत्तराखंड बनाएंगे
देहरादून, 31 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा और मसूरी गोलीकांड समेत उत्तराखंड राज्य आंदोलन में बलिदान हुए आंदोलनकारियों को नमन करते हुए सोमवार को कहा कि उनके संघर्ष, त्याग और बलिदान के कारण ही उत्तराखंड राज्य का सपना साकार हुआ। राज्य सरकार आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखंड बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री धामी ने सोमवार को कहा कि एक सितंबर का खटीमा कांड, दो सितंबर का मसूरी गोलीकांड और दो अक्टूबर का रामपुर तिराहा कांड उत्तराखंड के इतिहास के ऐसे काले अध्याय हैं, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। राज्य निर्माण के लिए प्राणों की आहुति देने वाले अमर बलिदानियों का सर्वोच्च बलिदान प्रदेशवासियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के सम्मान एवं कल्याण के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। राज्य आंदोलन के दौरान बलिदान हुए आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन 3,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है।
धामी ने बताया कि आंदोलन के दौरान दिव्यांग होकर पूर्णतः शय्याग्रस्त हुए आंदोलनकारियों की पेंशन 20,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रतिमाह की गई है। उनकी देखभाल के लिए मेडिकल अटेंडेंट की व्यवस्था भी की जाएगी।
इसी तरह, आंदोलन के दौरान सात दिन जेल गए अथवा घायल हुए आंदोलनकारियों की पेंशन 6,000 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये प्रतिमाह की गई है। जेल गए या घायल श्रेणी से अलग अन्य राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन 4,500 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान और उनके सपनों का उत्तराखंड बनाना सरकार का संकल्प है। उन्होंने कहा कि अमर शहीदों के बलिदान और आंदोलनकारियों के संघर्ष की भावना के अनुरूप सरकार प्रदेश को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय