विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों पर कार्यरत उपनल व संविदा कर्मियों को नियमित करने की मांग
नैनीताल, 26 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी की रविवार को वर्चुअल माध्यम से हुई बैठक में राज्य के विश्वविद्यालयों में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों, कर्मचारियों की पदोन्नति तथा विभिन्न लंबित मामलों को लेकर चर्चा की गई। बैठक में रिक्त पदों पर कार्यरत उपनल, संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को नियमित किए जाने की मांग उठाई गई।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मण रौतेला की अध्यक्षता एवं महामंत्री प्रशांत मेहता के संचालन में आयोजित हुई बैठक में महासंघ ने उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विश्वविद्यालयों की समस्याओं के समाधान के लिए समिति गठित किए जाने का स्वागत किया। साथ ही कहा गया कि राज्य के विश्वविद्यालयों में वर्षों से बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं। शासन और विश्वविद्यालय प्रशासन से कई दौर की वार्ता के बावजूद नियमित नियुक्तियां नहीं हो सकी हैं। कहा गया कि इन रिक्त पदों पर लंबे समय से उपनल, संविदा एवं दैनिक कर्मी कार्यरत हैं, जिन्हें नियमित किया जाना चाहिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री एवं शासन स्तर पर शीघ्र वार्ता की जाएगी। यदि सकारात्मक पहल नहीं होती है तो संगठन न्यायालय की शरण लेने पर भी विचार करेगा।
महासंघ ने कुमाऊं विश्वविद्यालय एवं सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा में स्थायी कुलसचिव की नियुक्ति की मांग भी उठाई। इसके अलावा संस्कृत विश्वविद्यालय के कार्मिकों तथा गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के प्रयोगशाला सहायकों से जुड़े लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किए जाने की मांग की गई। बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की ओर से एकल पदधारकों एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए 10, 16 और 26 वर्ष की सेवा पर एसीपी निर्धारण की मांग को समर्थन देते हुए प्रस्तावित आंदोलन में सहयोग करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में दिवंगत कर्मचारी नेता नरेंद्र सिंह रजवार को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान को स्मरण किया गया। बैठक में महासंघ के मुख्य संरक्षक भूपाल करायत, राजेंद्र भंडारी, कुलदीप सिंह, ओमप्रकाश गुप्ता, भूपेश कबड़वाल, भारत नैनवाल, विमल चौहान, धन सिंह नेगी, लक्ष्मी उनियाल, संजीव पांडे, महेंद्र रावत, विपिन चंद्र, जगमोहन मेहरा, भगवान ध्यानी, नंदाबल्लभ पालीवाल, हीरा किरौला, देवेंद्र धामी, देवेंद्र पोखरिया, जोत सिंह भंडारी, संदीप बुंदुनी, प्रकाश तिवारी सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्यों सहित प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी