सीएचसी मंगलौर विवाद में नया मोड़, अस्पताल ने बताया पूर्व नियोजित मामला

 


हरिद्वार, 16 मई (हि.स.)। विधायक काजी निजामुद्दीन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मंगलौर में हंगामे ने नया मोड़ ले लिया है। अस्पताल प्रशासन ने मरीज के फर्श पर लेटने की घटना को पूर्व नियोजित बताया है।

अस्पताल प्रबंधन की ओर से जारी बयान और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, टीबी पीड़ित मरीज दिलशाद विधायक की गाड़ी अस्पताल परिसर में पहुंचने से ठीक पहले बेंच से उठकर फर्श पर लेटा था। जबकि विधायक की ओर से यह आरोप लगाया गया था कि मरीज काफी देर से फर्श पर तड़प रहा था और उसे उचित इलाज नहीं मिल रहा था।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को एक टीबी मरीज अपनी पत्नी के साथ इलाज के लिए मंगलौर सीएचसी पहुंचा था। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल कर्मियों ने मरीज को समय पर उपचार नहीं दिया और स्ट्रेचर भी बदहाल स्थिति में थे। शिकायत मिलने पर विधायक काजी निजामुद्दीन अस्पताल पहुंचे और व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए हंगामा किया।

विधायक ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा था कि गरीब मरीजों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग भी की थी।

सीएमओ डॉ. आरके सिंह ने कहा कि जांच में सामने आया है कि मरीज विधायक के आने से कुछ देर पहले ही अस्पताल पहुंचा था। सीसीटीवी फुटेज में वह खुद नीचे लेटता दिखाई दे रहा है।सीएमओ के मुताबिक, मरीज टीबी से पीड़ित था और उसे सामान्य वार्ड में भर्ती नहीं किया जा सकता था। इसलिए डॉक्टरों ने उसे टीबी उपचार के लिए निर्धारित सरकारी अस्पताल जाने की सलाह दी थी। उन्होंने यह भी कहा कि विधायक को गलत जानकारी दी गई थी और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला