लावारिस लाश का खुला राज, हत्या का खुलासा

 


हरिद्वार, 17 अप्रैल (हि.स.)। पुलिस ने एक बार फिर अपनी सक्रियता और तत्परता का परिचय देते हुए लावारिस मिले शव के हत्याकांड का महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश किया है।

हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि घटना 14 अप्रैल की है, जब राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र में वन विभाग के कर्मचारियों ने एक व्यक्ति का शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कोतवाली हरिद्वार पुलिस मौके पर पहुंची और करीब 45 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति को लहूलुहान अवस्था में पाया। घायल को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक की पहचान नहीं होने पर पुलिस ने खुद वादी बनते हुए अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू की। फोरेंसिक टीम ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान पुलिस ने गंगा घाटों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल सर्विलांस का भी सहारा लिया गया। जांच में यह संकेत मिले कि आरोपी नशे के आदी हैं और मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते। 17 अप्रैल को गश्त के दौरान पुलिस टीम को देख हिल बाईपास फ्लाईओवर के पास दो संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर भागने लगे, लेकिन तत्परता दिखाते हुए टीम ने उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों ने हत्या की वारदात कबूल कर ली।

आरोपितों ने बताया कि 13 अप्रैल की रात वे हरकी पैड़ी क्षेत्र में शराब और गांजे के नशे में थे। अगले दिन मोतीचूर तिराहे के पास उन्होंने एक बाबा (मृतक) से बीड़ी मांगी। इसी दौरान बाबा के पास पैसे देखकर उनके मन में लालच आ गया। पैसे मांगने पर बाबा के इनकार और गाली देने से नाराज होकर दोनों ने उसे सुनसान स्थान पर ले जाकर धक्का दिया और पत्थर से सिर पर वार कर हत्या कर दी। इसके बाद वे पैसे लेकर फरार हो गए।

पुलिस ने दोनों आरोपितो मनोज कुमार उर्फ चिकना (25 वर्ष, इटावा, उत्तर प्रदेश) और रोहित कुमार (19 वर्ष, पटना, बिहार) को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने उनका चालान कर दिया है। हालांकि, मृतक की पहचान अब तक नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस उसकी शिनाख्त के प्रयास लगातार कर रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला