प्रतिबंधित क्षेत्र में ऑनलाइन नॉनवेज डिलीवरी से विवाद, आंदोलन की चेतावनी
हरिद्वार, 10 मई (हि.स.)। धर्मनगरी में प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर ऑनलाइन माध्यम से नॉनवेज की डिलीवरी का मामला सामने आने के बाद विवाद गहरा गया है। हिंदूवादी संगठनों और संत समाज ने इसे धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन बताते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
बताया जा रहा है कि हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र के प्रतिबंधित इलाके में मोबाइल ऐप के जरिए नॉनवेज आसानी से मंगाया जा रहा है। शिकायतों की पुष्टि के लिए कुछ लोगों ने स्वयं ऑनलाइन ऑर्डर कर परीक्षण किया। आरोप है कि एक रेस्टोरेंट से नॉनवेज पार्सल मंगाकर ऐप आधारित बाइक राइडर के जरिए डिलीवरी कराई गई, जो करीब आधे घंटे के भीतर ओम पुल और सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस के पास गंगा तट तक पहुंच गई।
इस संबंध में सतों का कहना है कि हरिद्वार करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और यहां की धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो संत समाज आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।
वहीं पंडित कृष्ण चन्द्र शास्त्रीं ने कहा कि लगातार मिल रही शिकायतों के बाद वास्तविकता जानने के लिए यह प्रयोग किया गया था। उनका कहना है कि यदि बिना जांच के किसी भी प्रकार का पार्सल प्रतिबंधित क्षेत्र तक पहुंचाया जा सकता है तो यह सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है।
पार्सल पहुंचाने वाले युवक ने कहा कि उसे पार्सल के अंदर क्या सामग्री थी, इसकी जानकारी नहीं थी। उसके अनुसार वह केवल ऐप के माध्यम से मिली बुकिंग के आधार पर डिलीवरी करता है और सील खोलना उसकी नौकरी के लिए खतरा बन सकता था।
नगर निगम अधिकारी नंदन कुमार ने कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्र में नॉनवेज डिलीवरी का मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हरिद्वार नगर निगम के पुराने बायलॉज के अनुसार हरकी पैड़ी क्षेत्र के लगभग पांच किलोमीटर दायरे में मांस और मदिरा की बिक्री एवं सेवन प्रतिबंधित माना जाता रहा है। बाद में नगर निगम बोर्ड द्वारा पूरे निगम क्षेत्र में मांस और शराब की दुकानों के संचालन पर रोक संबंधी प्रस्ताव भी पारित किए गए। बताया जा रहा है कि नगर निगम क्षेत्र से बाहर सराय गांव में लाइसेंसी कारोबारियों के लिए वैकल्पिक दुकानें विकसित की जा रही हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला