न्यायालय ने फर्जी दस्तावेज प्रकरण में अपील खारिज की, दोषसिद्धि बरकरार

 


नैनीताल, 30 अप्रैल (हि.स.)। जिला एवं सत्र न्यायालय नैनीताल ने फर्जी दस्तावेज और प्रतिरूपण से संबंधित गंभीर प्रकरण में अभियुक्त रविंद्र कुमार की आपराधिक अपील को निरस्त करते हुए निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को यथावत बनाए रखा है।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त के विरुद्ध लगाए गए आरोप संदेह से परे सिद्ध होते हैं और न्यायिक प्रक्रिया के साथ छल करने जैसे मामलों में कोई रियायत नहीं दी जा सकती।

प्रकरण के अनुसार अभियुक्त ने स्वयं को शंकर राम बताकर फर्जी आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए और एक अन्य अभियुक्त राहुल गर्ग की जमानत कराने में भूमिका निभाई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि दस्तावेज कूटरचित थे और संबंधित व्यक्तियों ने भी उन्हें अपना होने से इनकार किया। पुलिस द्वारा विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर साक्ष्य एकत्र किए गए, जिनमें गवाहों के बयान, दस्तावेजी प्रमाण और जांच अधिकारी की रिपोर्ट शामिल है।

न्यायालय ने कहा कि अभियुक्त का कृत्य केवल व्यक्तिगत अपराध नहीं बल्कि न्याय व्यवस्था के साथ धोखाधड़ी है, जिससे जनसामान्य का विश्वास प्रभावित होता है। इसी आधार पर अपील को खारिज कर पूर्व निर्णय को कायम रखा गया।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी