सरकारी जमीन-संपत्तियों को निजी हाथों में देने का कांग्रेस का आरोप

 


देहरादून, 16 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिवस पर कांग्रेस ने बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों में सरकार की भूमि एवं संपत्ति नीति को लेकर पत्रकार वार्ता की। देहरादून में महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी, प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी और प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता की।

गोगी ने आरोप लगाया कि रुद्रप्रयाग जिले के दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी स्थित लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवनों को निजी हाथों में देने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड इन्वेस्टमैंट एण्ड इन्फ्रास्टक्चर बोर्ड (यूआईआईडीबी) के माध्यम से राज्य की हजारों बीघा जमीन और सम्पतियों को 90 साल तक के लिए निजी हाथों में सोंपने जा रही है। इस कड़ी में यूआईआईडीबी ने नैनीताल के पटुवा डांगर की 14 एकड़ भूमि पर प्रीमियम रिजार्ट बनाने, हरिद्वारा के अलकनंदा होटल और ऋषिकेश के लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन को पी0पी0पी0 मोड पिछले दरवाजे से सितारा होटल बनाने के लिए निविदाऐं आमंत्रित कर दी हैं।

महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अभी तक यूआईआईडीबी को 12 सौ एकड़ भूमि याने 6 हजार बीघा से अधिक सरकारी विभागों की जमीन देने के प्रस्तावों को हस्ताक्षर कर स्वीकृति दे चुके हैं। कई हजार वीघा जमीन के प्रस्ताव मुख्यमंत्री की पास अनुमति के लिए लंबित पड़े हैं। अभी तक हुई तीन निविदाओं के शर्तो से ये सिद्ध हुआ है कि सरकार का इरादा इन सभी भूमियों और सम्पतियों को अपने नजदीकी राज्य से बाहर के बड़ें लोगों को आसान शर्तो पर देने का है। 90 साल बाद ये लीज होल्डर मालिक भी बन सकते हैं।

प्रदेश प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह ने आरोप लगाया कि जमीनों के अलावा सरकार ने जल्दी ही लोक निर्माण विभाग के 25 निरीक्षण भवन और पर्यटन विभाग के कुछ होटलों को लीज पर निजी हाथों में देने का सैद्धांतिक निर्णय ले लिया है। 2022 में मंत्रिमण्डल ने कैबिनेट में प्रस्ताव पास कर राज्य की जमीनों और सम्पतियों को यूआईआईडीबी के माध्यम से निजी हाथों में देने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है। इन सभी भूमियों और सम्पतियों को देने का निर्णय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिया है।

भाजपा की धामी सरकार ने इससे पहले 2023 को मसूरी स्थित पार्क एस्टेट (हाथीपांव) की 30 हजार करोड़ बाजार भाव की लगभग 142 एकड़ सरकारी भूमि को ‘‘राजस एरो स्पोर्ट्स एण्ड एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड’’ को 15 सालों के लिए केवल 1 करोड़ रुपया प्रति साल की लीज पर दे दिया था।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अक्टूबर 2018 में त्रिवेन्द्र सिंह रावत सरकार ने राज्य के भू-कानून में परिवर्तन कर राज्य की निजी जमीनों को निजी हाथों में बेचने का चोर दरवाजा खोला था। इस निर्णय के बाद उत्तराखण्ड की सारी निजी भूमियां बिक गई थी। पुष्कर धामी सरकार ने राज्य के भूकानून को और लचर करते हुए 2022 से औद्योगिक प्रयोजन, होटल या शिक्षण संस्थान आदि के लिए खरीदी भूमि को प्लाटिंग कर भी बेचने का रास्ता खोल दिया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य के महत्वपूर्ण स्थानों पर सारी निजी जमीनें बिकवाने के बाद धामी सरकार की कुदृष्टि सरकारी विभागों की महत्वपूर्ण भूमियों और सम्पतियों पर पड़ी है।

कांग्रेस पार्टी ने दावा किया कि कांग्रेस राज्य सरकार के इन मंसूबों को पूरा होने नहीं देगी। रुद्रप्रयाग जिला कांग्रेस कार्यकर्ता इन तीनों सम्पतियों पर रक्षा सूत्र बांधकर इनको निजी हाथों में जाने के विरोध में आंदोलन शुरु करेंगे और केदार भूमि की जमीनों व सम्पत्ति को निजी हाथों में जाने नहीं देगें।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल