लम्पी को लेकर गांव-गांव जागरूकता, उफल्डा में 25 पशुपालकों को दी जानकारी
पौड़ी गढ़वाल, 04 सितंबर (हि.स.)। जिले में लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) की रोकथाम को लेकर पशुपालन विभाग ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। गांव-गांव शिविर लगाकर पशुपालकों को बीमारी के लक्षण, बचाव और रोकथाम के उपाय बताए जा रहे हैं।
राजकीय पशुचिकित्सालय श्रीनगर के अंतर्गत ग्राम उफल्डा में आयोजित शिविर में 25 पशुपालकों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान 20 पशुओं के लिए आवश्यक दवाएं वितरित की गईं। पशु आवासों और आसपास के क्षेत्रों में फॉगिंग व दवा का छिड़काव कर मक्खी-मच्छर समेत बीमारी फैलाने वाले वाहक कीटों की रोकथाम के उपाय भी किए गए।
पशुपालकों को बताया गया कि तेज बुखार, त्वचा पर सूजन व गांठें, भूख और दूध उत्पादन में कमी, पैरों में सूजन तथा मुंह से लार निकलना बीमारी के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर संक्रमित पशु को तत्काल अन्य पशुओं से अलग रखने और पशु चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने पशु आवासों की नियमित सफाई रखने, बीमार पशु के लिए चारा-पानी की अलग व्यवस्था करने और मक्खी-मच्छरों की रोकथाम के उपाय करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि लम्पी स्किन डिजीज पशुओं में होने वाला रोग है और मनुष्यों में नहीं फैलता। पशुपालक घबराने के बजाय सतर्क रहें और लक्षण दिखने पर तत्काल उपचार कराएं। पशु चिकित्सा सहायता के लिए नजदीकी पशुचिकित्सालय या विभागीय टोल फ्री नंबर 1962 पर संपर्क किया जा सकता है। शिविर में पार्षद नरेंद्र सिंह रावत, पशुचिकित्साधिकारी डॉ. दिव्या नेगी और वैक्सीनेटर आनंद सिंह नेगी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह