युवा शक्ति को रोजगार मांगने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बना रही सरकार : मैंदोली

 

देहरादून, 20 अगस्त (हि.स.)। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विपुल मैंदोली ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को केवल रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला और प्रदेश के विकास में भागीदार बनाने की दिशा में काम कर रही है।

मैंदोली ने कहा कि शिक्षा, कौशल, रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता और खेल, हर क्षेत्र में युवाओं के लिए अवसरों का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पहले ‘युवा आयोग’ का गठन सरकार की युवा केंद्रित सोच का ऐतिहासिक प्रमाण है। पहली बार युवाओं की समस्याओं, सुझावों और आकांक्षाओं को संस्थागत मंच मिला है। यह आयोग युवाओं की आवाज को नीति निर्माण से जोड़ने के साथ उनकी प्रतिभा और क्षमता को विकास की मुख्यधारा में लाने का काम करेगा।

मैंदोली ने कहा कि पलायन रोकने का स्थायी समाधान पहाड़ों में ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है। इसी उद्देश्य से पौड़ी, चमोली और अल्मोड़ा में तीन नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि गरीब और सामान्य परिवारों के मेधावी बच्चों के सपनों को आर्थिक संसाधनों की कमी बाधित न करे, इसके लिए ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ के तहत 10 हजार विद्यार्थियों को निःशुल्क ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग दी जाएगी। इसके लिए ₹7 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह फैसला हजारों युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगा। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की नीति ‘नौकरी पाने’ से आगे बढ़कर ‘नौकरी देने’ वाली युवा शक्ति तैयार करने की है।

18 से 30 वर्ष के युवाओं को आईआईटी, आईआईएम जैसे संस्थानों से प्रशिक्षण और नया उद्यम शुरू करने के लिए बैंक ऋण पर 30 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। यानी विचार से लेकर प्रशिक्षण और पूंजी तक सरकार युवाओं के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा करने वाले अग्निवीरों के भविष्य को लेकर भी धामी सरकार ने देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। ‘अग्निवीर सेल’ और सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के माध्यम से चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को रोजगार, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण और करियर मार्गदर्शन से जोड़ने की व्यवस्था की गई है।

यह केवल पुनर्वास नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा के अनुभव को प्रदेश निर्माण की शक्ति में बदलने का प्रयास है। मैंदोली ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया और नियमित परीक्षा कैलेंडर के साथ 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई। वहीं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से 35 हजार से अधिक लाभार्थियों को ₹1,389 करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृत कर करीब 64,966 स्थानीय रोजगार सृजित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने खेल प्रतिभाओं को भी सम्मान और प्रोत्साहन दिया है। खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों की पुरस्कार राशि में 30 से 100 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। 38वें राष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी के साथ उत्तराखंड ने 103 पदकों के साथ देश में सातवां स्थान हासिल कर अपनी खेल क्षमता का भी परिचय दिया है।

मैंदोली ने कहा कि धामी सरकार की युवा नीति का मूल मंत्र स्पष्ट है, शिक्षा में अवसर, कौशल में मजबूती, रोजगार में पारदर्शिता, उद्यमिता में सहयोग और प्रतिभा को सम्मान। युवा आयोग से लेकर औद्योगिक पार्क, निःशुल्क कोचिंग से लेकर उद्यमिता सब्सिडी और अग्निवीरों के लिए आरक्षण तक, सरकार के फैसले दिखाते हैं कि उत्तराखंड के भविष्य की नींव युवा शक्ति के सामर्थ्य पर रखी जा रही है।

उन्होंने कहा कि आज का सशक्त युवा ही कल का आत्मनिर्भर उत्तराखंड बनाएगा, और धामी सरकार इसी संकल्प के साथ युवाओं को अवसर, प्रतिभा को मंच और मेहनत को सफलता की राह देने के लिए निरंतर काम कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल