अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ 5 करोड़ की ठगी का खुलासा छह गिरफ्तार
हल्द्वानी , 06 सितंबर (हि.स.)। पुलिस ने ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट-2026’ के तहत मुखानी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित अंतरराष्ट्रीय साइबर वित्तीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह ने महज चार महीनों में 5 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध साइबर लेनदेन और ठगी को अंजाम दिया। संयुक्त कार्रवाई में मुख्य सरगना समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो विधि-विवादित किशोरों को संरक्षण में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार 5-6 सितंबर की रात लक्ष्मण विहार कॉलोनी में एक मकान पर कोतवाली मुखानी, एसओजी और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। मौके से कथित साइबर नेटवर्क से जुड़े छह आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस ने मामले में मुख्य संचालक राहुल यादव निवासी इंदौर को बताया है। आरोप है कि गिरोहक्रिप्टोकरेंसी के लेनदेन और अनधिकृत ऐप के माध्यम से रकम का संचालन करता था तथा अवैध धनराशि को अलग-अलग बैंक खातों में भेजकर उसकी निकासी और लेयरिंग की जाती थी।
जांच में सामने आया कि गिरोह कमीशन का लालच देकर लोगों के बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक और सिम कार्ड हासिल करता था। इन कथित म्यूल खातों के जरिए रकम की निकासी और ट्रांसफर किया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.18 लाख रुपये नकद, लैपटॉप, आईपैड, 11 मोबाइल फोन, 24 एटीएम/डेबिट कार्ड, 12 सक्रिय सिम, छह चेकबुक, चार पासबुक और बैंक जमा संबंधी दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोतवाली मुखानी में आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। ।
मामले में दो अन्य वांछित आरोपियों की तलाश जारी है। एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी ने पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए 2,500 रुपये के नगद पुरस्कार की घोषणा की है। नैनीताल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को कमीशन या पैसों के लालच में अपना बैंकखाता, एटीएम कार्ड, पासबुक अथवा चेकबुक इस्तेमाल के लिए न दें। पुलिस ने चेताया है कि साइबर अपराध में इस्तेमाल पाए जाने पर खाताधारक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
संदिग्ध वित्तीय गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने को देने की अपील की गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता