ऋण वितरण लक्ष्य हासिल न करने वाली शाखा के कर्मचारियाें के खिलाफ एक्शन
नई टिहरी, 10 सितंबर (हि.स.)। टिहरी जिला सहकारी बैंक की दोबारा कमान मिलते ही अध्यक्ष सुभाष चंद रमोला एक्शन में आ गए हैं। ऐसी बैंक शाखाएं जिन्होंने सितम्बर माह तक निक्षेप व ऋण वितरण में 20 प्रतिशत से कम लक्ष्य हासिल किया है, उन शाखाओं के कार्मिकों के वेतन पर रोक लगा दी है। कहा कि लक्ष्य हासिल न करने वालों के खिलाफ और कड़ाई की जाएगी। उनका टारगेट है कि टिहरी सहकारी बैंक को प्रदेश में फिर से अव्वल बनाया जाए।
बीते 8 सितम्बर को करीब 3 साल बाद जिला सहकारी बैंकों के चुनाव संपन्न हुए। जिसमें रमोला को फिर से अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। बीते दिवस बैंक प्रबंधन और शाखा प्रबंधकों के साथ वीसी के जरिए उन्होंने प्रगति की समीक्षा की। रमोला ने बताया कि 2023 में उनके कार्यकाल में बैंक का लाभांश 33 करोड़ था, लेकिन करीब तीन साल से इसमें कोई खासा प्रगति नहीं है। जिससे आने वाले समय में बैंक का लाभांश कम हो सकता है।
कहा कि सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी बैंकों को तेजी से प्रगति के निर्देश दिए। बताया कि 18 से 20 शाखाएं ऐसी हैं जिनका निक्षेप और ऋण वितरण 20 प्रतिशत से कम है। उन्होंने महाप्रबंधक राहुल गैरोला को निर्देश दिए कि ऐसी शाखा के कर्मियों का इस माह का वेतन रोका जाए। सभी को 15 दिन का समय देकर प्रगति के निर्देश दिए हैं। साथ ही 15 अक्तूबर तक सभी शाखाओं को 50 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने की समय-सीमा निर्धारित की है। यदि इस लक्ष्य को कोई शाखा पूरी नहीं करेगी तो संबंधित कार्मिकों की एक वेतन वृद्धि कम की जाएगी। रमोला के इस एक्शन से आला अधिकारियों सहित ब्राच मैनेजरों में हड़कंप मचा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन, ऋण वितरण के साथ सख्ती से वसूली और एनपीए को न्यून करना उनकी प्राथमिकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी