पिता की हत्या के आरोपित को 9 माह बाद भी नहीं मिली जमानत, याचिका निरस्त

 




नैनीताल, 29 मई (हि.स.)। नैनीताल के जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी के न्यायालय ने पिता की हत्या के आरोपित सचिन सदाशंकर निवासी नगारी गांव, कैलाश व्यू, भवाली की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। आरोपित के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के अंतर्गत अभियोग दर्ज है। इस प्रकार आरोपित को लगभग 9 माह के बाद भी जेल से बाहर आने का रास्ता नहीं मिला है।

अभियोजन के अनुसार छह सितंबर 2025 को मृतक की पत्नी रीना सदाशंकर निवासी कैलाश व्यू, नगारी गांव ने भवाली थाने में शिकायत दर्ज करायी थी कि वह अपने परिवार के साथ मकान के एक हिस्से में रहती हैं, जबकि दूसरे हिस्से में राजकुमार और उनका पुत्र सचिन सदाशंकर रहते थे।

शिकायत में कहा गया कि आरोपित ने अपने पिता से धनराशि की मांग की और मांग पूरी न होने पर लाठी तथा लोहे के पट्टे से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल राजकुमार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवाली ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने आरोपित को घटना में प्रयुक्त लोहे के पट्टे और डंडे सहित तत्काल गिरफ्तार कर लिया। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपित ने धनराशि न मिलने पर अपने पिता की हत्या की।

उन्होंने तर्क दिया कि यदि आरोपित को रिहा किया गया तो वह स्वतंत्र गवाहों को प्रभावित कर सकता है। अभियोजन पक्ष ने यह भी बताया कि विचारण के दौरान अधिकांश गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज कराए जा चुके हैं तथा अपराध अत्यंत गंभीर प्रकृति का है।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और प्रकरण की गंभीरता पर विचार करने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी ने आरोपित द्वारा अपने पिता की निर्मम हत्या के आरोप को गंभीर मानते हुए उसकी जमानत याचिका निरस्त कर दी।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी