कल्जीखाल में खुला विधिक सेवा केंद्र, ग्रामीणों को मिलेगी निःशुल्क कानूनी मदद
,पौड़ी गढ़वाल, 13 अगस्त (हि.स.)। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को उनके क्षेत्र में ही सरल, सुलभ और निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने महत्वपूर्ण पहल की है। नालसा विधिक सेवा केंद्र योजना-2010 के तहत गुरुवार को विकासखंड कल्जीखाल में विधिक सेवा एवं सहायता केंद्र का शुभारंभ किया गया। केंद्र के शुरू होने से क्षेत्र के पात्र लोगों को कानूनी सहायता के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज नाज़िश कलीम ने लोगों को केंद्र से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पात्र व्यक्ति यहां से निःशुल्क विधिक सहायता, कानूनी परामर्श और अधिवक्ता की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। न्यायालय से जुड़े मामलों में आवश्यक कानूनी सहायता के साथ ही मध्यस्थता और सुलह के माध्यम से विवादों के समाधान के लिए भी मार्गदर्शन दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि केंद्र के माध्यम से लोक अदालत एवं स्थायी लोक अदालत से संबंधित जानकारी, विभिन्न विधिक अधिकारों और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों सहित पात्र लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ आवश्यकता के अनुसार निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाएगी।
सचिव नाज़िश कलीम ने कहा कि विधिक सेवा केंद्र की स्थापना से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए न्याय तक पहुंच और आसान होगी। आर्थिक या भौगोलिक कठिनाइयों के कारण कोई पात्र व्यक्ति अपने कानूनी अधिकारों से वंचित न रहे, इसी उद्देश्य से क्षेत्र स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी कानूनी समस्या या अधिकारों से संबंधित जानकारी के लिए विधिक सेवा केंद्र का लाभ उठाएं और समय रहते उचित कानूनी मार्गदर्शन प्राप्त करें। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी चंद्र प्रकाश बलूनी, असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल विनोद कुमार, रिटेनर अधिवक्ता गजेंद्र सिंह रावत, अधिकार मित्र जगमोहन डांगी, विक्रम पटवाल, सज्जन सिंह नेगी सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह