हरेला पर कुमाऊं विश्वविद्यालय के पटवाडांगर परिसर में तीन साै पौधों का रोपण
नैनीताल, 17 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखण्ड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर कुमाऊँ विश्वविद्यालय के नये पटवाडांगर परिसर में गुरुवार को एनसीसी कैडेटों, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने वृहद वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान चलाया। अभियान के तहत परिसर में लगभग 300 पौधों का रोपण किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का संदेश दिया गया।
इस दौरान यहां तेजपत्ता, पुतली, पदम, हरड़, बहेड़ा और जामुन सहित स्थानीय एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इसके साथ ही परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई की गई। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. दीवान रावत ने कहा कि हरेला केवल उत्तराखण्ड का पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति आस्था और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और बढ़ते प्रदूषण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण को जनआंदोलन का स्वरूप देना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों और एनसीसी कैडेटों से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों एवं अतिथियों ने भी अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रो. एचसीएस बिष्ट, यशपाल सिंह रावत, प्रो. महेन्द्र राणा, प्रो. आशीष मेहता, डॉ. कुबेर गिन्ती, डॉ. मनोज बिष्ट, डॉ. पूरन अधिकारी, डॉ. मोहित रौतेला, हर्षवर्धन चौधरी, 79 यूके बटालियन एनसीसी के सूबेदार प्रदीप रोका, कंपनी हवलदार मेजर किशोर सिंह तथा हवलदार जीवन सिंह सहित बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट, विद्यार्थी एवं शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी