शहीद के नाम पर स्कूल का नाम ना रखने से परिजन आक्रोशित

 

गुप्तकाशी, 14 जून (हि.स.)। वर्ष 2014 में जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले कविल्टा निवासी शहीद मानवेंद्र सिंह के नाम पर विद्यालय का नामकरण अब तक नहीं होने पर परिजनों ने गहरा आक्रोश किया है।

शहीद के पिता एवं पूर्व सैनिक नरेंद्र सिंह ने कहा कि उनके पुत्र मानवेंद्र सिंह ने जून 2014 में देश सेवा के दौरान प्राणों का बलिदान दिया था। शहादत के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वयं उनके घर पहुंचे थे, और उनके गांव के निकट स्थित राइंकॉ कोटमा का नाम शहीद मानवेंद्र सिंह के नाम पर रखने का आश्वासन दिया था।

उन्होंने बताया कि विद्यालय के नामकरण के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं एवं पत्रावलियां वर्षों पहले पूरी कर ली गई थीं। जिलाधिकारी, जिला सैनिक कल्याण विभाग तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी को भी कई बार इस संबंध में पत्र भेजे जा चुके हैं। इसके बावजूद आज तक नामकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।

पूर्व सैनिक नरेंद्र सिंह ने कहा कि वे लगातार प्रशासन को लिखित पत्रों एवं व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से मामले की याद दिलाते रहे हैं, लेकिन नौ वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि एक शहीद के परिवार को बेटे के सम्मान के लिए बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

परिजनों ने सरकार और प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई करते हुए राजकीय इंटर कॉलेज कोटमा का नाम शहीद मानवेंद्र सिंह के नाम पर किए जाने की मांग की है, ताकि उनके बलिदान को उचित सम्मान मिल सके। इस बाबत मुख्य शिक्षा अधिकारी अजय चौधरी ने बताया कि पत्रावलियां और फाइल देखकर ही कुछ कह पाएंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / बिपिन