‘श्रिजन’ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञों ने पोषण,मानसिक स्वास्थ्य, पर्यावरण और स्वस्थ वृद्धावस्था पर रखे विचार

 


जयपुर, 27 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में वैदिक कन्या पीजी महाविद्यालय और वर्ल्ड हेल्थ एंड वेलनेस फेस्ट, जयपुर की ओर से ‘श्रिजन’ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। ‘21वीं सदी में बेहतर जीवन की तलाश: चुनौतियां, विकल्प और संभावनाएं’ विषय पर हुए सम्मेलन में शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, पोषण, पर्यावरण, आध्यात्मिकता और मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा हुई।

उद्घाटन सत्र में आईएएस अश्वनी भगत, संस्कृति युवा संस्था के संस्थापक अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा, समाजसेवी मृदुला सामवेदी, रवि नैय्यर और एच.सी. गनेशिया सहित गणमान्यजन मौजूद रहे। ए.टी. श्रीनिवासन, डॉ. पंकज जोशी और वर्ल्ड हेल्थ एंड वेलनेस फेस्ट के सह-संस्थापक मुकेश मिश्रा ने आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

महर्षि अरविंद विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन संजय पाराशर और पोद्दार ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरपर्सन डॉ. आनंद पोद्दार ने तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में बेहतर जीवन की संभावनाओं पर विचार रखे। सत्र का संचालन ए.टी. श्रीनिवासन ने किया। उन्होंने कहा कि बेहतर जीवन के लिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ शिक्षा, मानसिक मजबूती, तकनीक और जीवन में संतुलन जरूरी है।

डॉ. पंकज वर्षणेय, डॉ. आलोक तिवारी और डॉ. राकेश शर्मा ने संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली के महत्त्व पर चर्चा की। सत्र का संचालन डॉ. सुमित तिवारी ने किया। डॉ. पंकज जोशी ने कहा कि लक्ष्य केवल लंबा जीवन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन होना चाहिए।

डॉ. सुनील धांध, योगाचार्य धाकराम, डॉ. सुंदीप जैन, डॉ. राकेश कालरा और पंकज जोशी ने पर्यावरण, योग और समग्र जीवनशैली पर विचार रखे। सत्र का संचालन डॉ. प्रमिला संजया ने किया। वहीं, जीवन के उद्देश्य और आध्यात्मिकता पर हुए सत्र में संदीप तिवारी, महंत दीपक वल्लभ, प्रो. सुनीता श्रीमाली, डॉ. लता श्रीमाली और प्रवीण पांडेय ने विचार साझा किए। संचालन डॉ. आचार्य राजेश्वरी ने किया।

जस्सी छाबड़ा, डॉ. पंकज दवे, मनोज कुमार शर्मा, डॉ. राजकुमार राजपाल और डॉ. राजवीर आर्य ने चिंता के दौर में मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों पर चर्चा की। सत्र का संचालन ए.टी. श्रीनिवासन ने किया। वक्ताओं ने जागरूकता, संवाद और समय पर सहयोग लेने की आवश्यकता बताई।

मुकेश मिश्रा ने कहा कि बेहतर जीवन व्यक्ति, संस्थान और समाज की साझा जिम्मेदारी है। सम्मेलन में विशेषज्ञों ने शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, पोषण, पर्यावरण संरक्षण और तकनीक के विवेकपूर्ण उपयोग को स्वस्थ समाज के लिए जरूरी बताया।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश