हौसले और मेहनत से पाई मंजिल: जयपुर की बेटी वैष्णवी बनी लेफ्टिनेंट

 


जयपुर, 05 सितंबर (हि.स.)। कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के दम पर जयपुर की 22 वर्षीय वैष्णवी एम. सक्सेना ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर शहर का मान बढ़ाया है। वैष्णवी ने सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) की मेरिट में अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया। इसके बाद उन्होंने ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में एक वर्ष का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें दो बार कमांडेंट प्रशंसा प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया।

बचपन से ही भारतीय सेना में शामिल होकर देश सेवा करने का सपना देखने वाली वैष्णवी ने इसे कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से साकार किया। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा महारानी गायत्री देवी गर्ल्स स्कूल से पूरी की। इसके बाद राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री विशेष योग्यता के साथ प्रथम श्रेणी में हासिल की। उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में स्नातक की पढ़ाई भी की है।

वैष्णवी एनसीसी की सक्रिय कैडेट रही हैं। वह राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज भी हैं और शूटिंग में एनसीसी राजस्थान निदेशालय का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उन्हें एनसीसी बेस्ट कैडेट का सम्मान भी मिल चुका है। सेना में अधिकारी बनने के लिए उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ खेल और एनसीसी अनुभव ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वैष्णवी ने बताया कि उन्हें सेना में जाने की प्रेरणा अपने पिता मनीष सक्सेना से मिली। मनीष सक्सेना पर्यावरणविद् एवं वन्यजीव विशेषज्ञ हैं और वर्तमान में राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के सदस्य हैं। उनकी माता नम्रता सक्सेना वर्ल्ड ऑर्गेनाइजेशन में उप निदेशक के पद पर कार्यरत हैं।

परिवार में सैन्य सेवा की भावना को आगे बढ़ाते हुए वैष्णवी के भाई चैतन्य एम. सक्सेना भी सैन्य सेवा में जाने के लिए संकल्पित हैं। दोनों भाई-बहन का लक्ष्य भारतीय सेना की वर्दी पहनकर देश सेवा करना है।

वैष्णवी की उपलब्धि पर महारानी गायत्री देवी स्कूल की निर्देशक अर्चना एस. मनकोटिया, दीपशिखा ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के वाइस चेयरमैन डॉ. अंशु सुराणा तथा आरसीईआरटी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रमोद शर्मा ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी।

वैष्णवी ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी आराध्य देवी और दादा-दादी के आशीर्वाद को दिया। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश