स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विवि में शीघ्र प्रारम्भ होगी खजूर प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन इकाई

 


बीकानेर, 24 जुलाई (हि.स.)। खजूर उत्पादक किसानों की आय में बढ़ोतरी के लिए स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय में खजूर उतपाद प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन इकाई शीघ्र प्रारम्भ होगी। इस इकाई में किसानों को प्रशिक्षणों के माध्यम खजूर के प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन एवं विपणन संबंधी नवीन तकनीकों की जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी।

नाबार्ड द्वारा वित्तपोषित खजूर उत्पादों के प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन इकाई का विकास परियोजना निगरानी समिति की आयोजित बैठक में यह जानकारी दी गई।

कृषि अनुसंधान केन्द्र के क्षेत्रीय अनुसंधान निदेशक डॉ. भूपेन्द्र सिंह ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रूपरेखा की जानकारी दी।

परियोजना प्रभारी डॉ. राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने परियोजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि अनुसंधान केंद्र पर खजूर प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन इकाई की स्थापना की प्रक्रियाधीन है यह कार्य शीघ्र पूर्ण कर प्रशिक्षण प्रारम्भ किए जाएंगे। डॉ राठौड़ ने बताया कि इस इकाई के माध्यम से छुहारा, शरबत, अचार, माउथ फ्रेशनर, मिठाई तथा अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इस पहल से किसानों को अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा तथा अधिक उत्पादन की स्थिति में भी उचित लाभ सुनिश्चित किया जा सकेगा।

उद्यान विभाग, बीकानेर के सहायक निदेशक डॉ. मुकेश गहलोत ने जिले के प्रगतिशील खजूर उत्पादक किसानों की जानकारी साझा करते हुए कहा कि इस इकाई से उत्पादों के प्रभावी विपणन तथा मूल्य संवर्धन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक अरविन्द चाहर ने कृषि क्षेत्र में नाबार्ड द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की जानकारी दी तथा कहा कि इससे ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। भारतीय स्टेट बैंक के अग्रणी जिला प्रबंधक एल. आर. मडोसिया ने परियोजना के सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण करते हुए वित्तीय सहयोग एवं समन्वय की बात कही।

सीआईएएच, बीकानेर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रामकेश मीणा ने खजूर की उन्नत किस्मों, उनकी आर्थिक उपयोगिता तथा किसानों की आय बढ़ाने में खजूर की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तृत चर्चा की।

प्रगतिशील कृषक शिवकरण कूकना ने कहा कि इस इकाई की स्थापना से किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। बैठक में संबंधित वैज्ञानिक व अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव