सिंबल विवाद पर भीलवाड़ा कांग्रेस में घमासान, चरखा लेकर पालीवाल का डोटासरा के खिलाफ सत्याग्रह
भीलवाड़ा, 28 सितंबर (हि.स.)। नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 17 प्रत्याशियों को पार्टी का अधिकृत चुनाव चिह्न नहीं मिल पाने का विवाद चुनाव खत्म होने के बाद भी शांत नहीं हुआ है। अब कांग्रेस के प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य मनोज पालीवाल ने जिला कांग्रेस कार्यालय के बाहर चरखा चलाकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने महात्मा गांधी के सत्याग्रह को विरोध का माध्यम बनाते हुए ‘रघुपति राघव राजा राम’ की धुन के बीच धरना दिया और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के इस्तीफे की मांग की।
नगर निगम चुनाव के दौरान भीलवाड़ा के 70 वार्डों में कांग्रेस के 53 प्रत्याशियों को अथॉरिटी लेटर मिला था, जबकि 17 प्रत्याशी पार्टी के अधिकृत चुनाव चिह्न से वंचित रह गए। इस मामले को लेकर संबंधित प्रत्याशियों ने राजस्थान हाईकोर्ट का रुख किया था, लेकिन अदालत ने सभी 17 याचिकाएं खारिज कर दी थीं। इसके बाद भी कांग्रेस के भीतर इस मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पालीवाल ने जिला कांग्रेस कार्यालय के बाहर चरखा रखकर धरना शुरू किया।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी सत्य और अहिंसा के माध्यम से संघर्ष के प्रतीक रहे हैं और चरखा उनके लिए कार्यकर्ता की आवाज और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध का प्रतीक है।
पालीवाल के अनुसार, वे कांग्रेस कार्यालय में गांधीजी की प्रतिमा के सामने बैठकर विरोध करना चाहते थे, लेकिन उन्हें वहां बैठने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद उन्होंने कार्यालय के बाहर ही चरखे के साथ सत्याग्रह शुरू कर दिया।
धरने के दौरान वे चरखा चलाते रहे और ‘रघुपति राघव राजा राम’ की धुन के साथ अपनी मांगें उठाते रहे।
पालीवाल ने आरोप लगाया कि नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 17 प्रत्याशियों के अधिकृत सिंबल से जुड़े दस्तावेज समय पर जमा नहीं होने से पार्टी को नुकसान हुआ। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
उल्लेखनीय है कि नगर निगम चुनाव के अंतिम परिणाम में भाजपा ने 70 में से 45 वार्डों में जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस को 10 और निर्दलीयों को 15 सीटें मिलीं। इसके बाद भीलवाड़ा में भाजपा का बोर्ड बना और बाद में भाजपा की जसवंत कंवर निर्विरोध महापौर तथा राधेश्याम सोमानी निर्विरोध उपमहापौर चुने गए।
पालीवाल इसी पूरे घटनाक्रम को कांग्रेस संगठन की गंभीर चूक बताते हुए प्रदेश नेतृत्व से जवाब मांग रहे हैं।
धरने के दौरान पालीवाल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर गंभीर आरोप लगाए और उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में हुए घटनाक्रम पर प्रदेश नेतृत्व की ओर से अब तक पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई।
पालीवाल ने डोटासरा को लेकर ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’ होने जैसे आरोप लगाए और कहा कि कांग्रेस में संगठनात्मक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नेतृत्व को इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / मूलचंद