सिंध, सिंधु और सिंधियत के पुनर्जागरण का दोहराया संकल्प

 


भारत विभाजन विभीषिका पर सिंधी समाज की सेमिनार का आयोजन

जोधपुर, 14 अगस्त (हि.स.)। भारत विभाजन विभीषिका की दु:स्मृति के अवसर पर सिंधी समुदाय ने 1947 के बाद हमने क्या पाया और क्या खोया? विषय पर सेमिनार का आयोजन किया। सेमिनार राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद नई दिल्ली एवं कला फाउंडेशन जोधपुर के संयुक्त तत्वाधान में चौपासनी स्थित एक निजी होटल में सम्पन्न हुई।

कला फाउंडेशन के अध्यक्ष जीडी देवनानी ने बताया कि वरिष्ठ लेखक एवं रंगकर्मी गोबिंद करमचंदानी ने विभाजन पर सिंध के वरिष्ठ लेखक- कवियों को याद करते हुए कहा कि विभाजन की पीड़ा, विस्थापन के संघर्ष और राष्ट्र के प्रति सिंधी समाज के योगदान, सिंधु संस्कृति, परंपराओं और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। यह हमारी पहचान का संकट है। आठ वर्ष की उम्र में विभाजन को भोग चुके समाज के वरिष्ठ सदस्य इंद्र टहिलियानी ने उस दौर के खौफऩाक मंजर और उस नृशन्स त्रासदी से विस्थापित सिंधी लोगों की पीड़ा बयां की। लेखक-चिंतक तीर्थ डोडवाणी ने कहा कि अंधरे में भी आशा क़ी ज्योति जगमगाती है। पूर्व जिला शिक्षाधिकारी रमा असनानी, सिंध से आए डॉक्टर मदन पुंजराज, महेश संतानी ने भविष्य की चुनौतियों के बारे मे जानकारी दी।

सिंधी कल्चरल सोसायटी के सचिव विजय भगतानी, शिक्षाविद रमा आसनानी, डॉ प्रदीप गेहानी, इं. प्रदीप दाण्डवाणी, राहुल ठकुरानी, डॉ. हरीश शिवनानी, केडी इसरानी, राजेश भेरवानी, नंदलाल राने, नारायण खटवानी, अशोक कृपलानी, अनिल बलानी, सुशील मंगलानी, रातानाडा पंचायत अध्यक्ष हरीश करवानी ने सिंधी भाषा और संस्कृति के लुप्त होते जाने पर चिंता व्यक्त क़ी और संकल्प दोहराया कि अपनी उद्यशीलता और दुर्दम्य जिजीविषा के बूते सिंध, सिंधु और सिंधियत के पुनर्जागरण का दौर भी लाएंगे।

इस मौके पर देश भक्ति गीतों के साथ शहीदों की क़ुर्बानी को भी याद किया गया। जिसमें जेठानंद लालवानी, दिनेश मीरचंदानी, लाल चन्द खन्ना, रितिका मनवानी, नीता मुलानी, हर्षिता दंडवानी भानु देवनानी ने हिस्सेदारी निभाई। कला फाउंडेशन क़ी संस्थापक सदस्य वयोवृद्ध कलावंती देवनानी के मार्गदर्शन में कलाकारों एवं समाजबंधुओं ने सिंधी भाषा और संस्कृति का संरक्षण हमारा सामूहिक संकल्प है का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन ललित कुमार खुशलानी ने किया। कला फाउंडेशन के सचिव नरेंद्र श्रीमाली ने आभार व्यक्त किया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश