साल का पहला चंद्रग्रहण: जयपुर शहर में मंदिरों में दर्शन व्यवस्था में रहेगा परिवर्तन
जयपुर, 02 मार्च (हि.स.)। साल का पहला चंद्रग्रहण 3 मार्च को पड़ेगा, जो जयपुर में केवल लगभग 20 मिनट ही दिखाई देगा। यहां चंद्रोदय शाम 6 बजकर 22 मिनट पर होगा, जबकि ग्रहण 6 बजकर 47 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। इस कारण शहरवासी ग्रहण का अंतिम चरण ही देख सकेंगे।
यह ग्रहण श्री सत्यनारायण पूर्णिमा के दिन पड़ रहा है, जिससे इसका धार्मिक महत्व भी बढ़ गया है। गोविंददेवजी मंदिर के सेवाधिकारी मानस गोस्वामी ने बताया कि भारतीय समयानुसार ग्रहण दोपहर 3:21 बजे से शाम 6:47 बजे तक रहेगा और कुल अवधि 4 घंटे 26 मिनट की होगी। देश के कई हिस्सों में ‘ब्लड मून’ का दृश्य भी देखने को मिल सकता है। हालांकि जयपुर में चंद्रोदय देर से होने के कारण पूरा चरण दिखाई नहीं देगा।
मानस गोस्वामी के अनुसार चंद्रग्रहण का सूतक ग्रहण प्रारंभ होने से 9 घंटे पहले लग जाता है। इस हिसाब से 3 मार्च सुबह करीब 6:55 बजे से सूतक प्रभावी हो जाएगा। सूतक लगते ही अधिकांश मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। इस दौरान पूजा-पाठ, मूर्ति स्पर्श तथा भोजन करना वर्जित माना जाता है। वहीं चंद्रग्रहण के कारण शहर के मंदिरों में दर्शन व्यवस्था में परिवर्तन रहेगा। गोविंद देव जी मंदिर में 3 मार्च को ग्वाल, संध्या और शयन दर्शन नहीं होंगे। हालांकि ग्रहणकाल के दौरान विशेष दर्शन जारी रहेंगे, जिससे श्रद्धालु निर्धारित समय में दर्शन कर सकेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश